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टॉप बॉलीवुड स्टार पर सख्त हुआ ED, मांगी विदेशी करेंसी की जानकारी
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Mon, 01 May 2017 11:58 AM IST
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विदेशी करेंसी
- फोटो : ONU
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बॉलीवुड के टॉप अभिनेता को निर्देश दिया है कि वो पिछले एक दशक में मिली सारी विदेशी करेंसी का पूरा ब्यौरा उनके साथ साझा करे। इस मामले में तलब किए गए अभिनेता को भारतीय रिजर्व बैंक की लिब्रलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत बाहर से आने वाले पूरे पैसे का जानकारी देनी होगी। साथ ही उन्हें विदेशी दौरों पर किए खर्च का भी पूरा ब्यौरा देना होगा।
ईडी ने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के सेक्शन 37 के तहत जानकारी मांगी है। इस सेक्शन के तहत प्रांभिक जांच की जाती है। बताया जा रहा है कि यह एक्टर सिनेमा जगत में सबसे ज्यादा टैक्स देने वालों की फेहरिस्त मे शुमार है। साथ ही उन्हें बैंक अकाउंट की जानकारी और पासपोर्ट की कॉपी भी जमा करने के लिए कहा गया है।
विदेशी करेंसी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने वाले ईडी का रुख स्पष्ट नहीं है। एलआरएस के तहत भारतीय नागरिक विदेशों में 2.5 लाख डॉलर तक की कैपिटल निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा वो गिफ्ट या विरासत में मिली संपत्ति को बेच सकते हैं।
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जब तक कोई व्यक्ति हवाला कारोबार या कारोबार के नकली दस्तावेज पेश नहीं करता, उसका फंड ट्रांसफर की गड़बड़ी से निकल पाना संभव नहीं। इसके अलावा, यदि कोई अभिनेता, परफॉर्मर और कंसल्टेंट एनआरआई नहीं है, तो उसे फीस और कमाई भारत में EEFC के जरिए भारत में लानी ही होती है।
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ईडी ने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के सेक्शन 37 के तहत जानकारी मांगी है। इस सेक्शन के तहत प्रांभिक जांच की जाती है। बताया जा रहा है कि यह एक्टर सिनेमा जगत में सबसे ज्यादा टैक्स देने वालों की फेहरिस्त मे शुमार है। साथ ही उन्हें बैंक अकाउंट की जानकारी और पासपोर्ट की कॉपी भी जमा करने के लिए कहा गया है।
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विदेशी करेंसी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने वाले ईडी का रुख स्पष्ट नहीं है। एलआरएस के तहत भारतीय नागरिक विदेशों में 2.5 लाख डॉलर तक की कैपिटल निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा वो गिफ्ट या विरासत में मिली संपत्ति को बेच सकते हैं।
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जब तक कोई व्यक्ति हवाला कारोबार या कारोबार के नकली दस्तावेज पेश नहीं करता, उसका फंड ट्रांसफर की गड़बड़ी से निकल पाना संभव नहीं। इसके अलावा, यदि कोई अभिनेता, परफॉर्मर और कंसल्टेंट एनआरआई नहीं है, तो उसे फीस और कमाई भारत में EEFC के जरिए भारत में लानी ही होती है।