{"_id":"593149134f1c1b2a54bdaf64","slug":"energy-power-will-be-built-by-people-walking-in-shirdi-sai-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिरडी साईं मंदिर में लोगों के चलने से बनेगी बिजली","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
शिरडी साईं मंदिर में लोगों के चलने से बनेगी बिजली
amarujala.com- Presented by: आनंद
Updated Fri, 02 Jun 2017 04:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत में पहली बार लोगों के चलने से बिजली पैदा की जायेगी। ऐसे प्रयोग शिरडी के साईं मंदिर में किया जायेगा। न्यूज एजेंसी पीटीआई के खबरों के अनुसार साईं मंदिर के ट्रस्ट संस्थान श्री साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट ने बिजली पैदा करने के लिए एक निजी कंपनी के साथ मिलकर फुट एनर्जी ( पैरों से बिजली ) पैदा करने का फैसला किया है।
भारत में पैरों से बिजली पैदा करना का यह पहला अविष्कार है। इससे श्रद्धालुओं के चलने से पैदा होने वाली ऊर्जा से बिजली पैदा की जायेगी। बताया जा रहा है कि इससे पैदा होने वाली बिजली से 200 बल्ब और 50 पंखे चलाये जा सकते है। इसके आलवा मंदिर से निकलने वाले कचरे से भी बिजली और गैस पैदा की जायेगी।
ट्रस्ट के अध्यक्ष ने बताया कि भक्तों के रास्ते में 200 पेडल लगाए जाएंगे और लोग जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, ये पेडल दबेंगे और बिजली पैदा होगी। खास बाद ये है कि श्री साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट इसके ऊपर कोई पैसा खर्च नहीं करेगा। जिस कंपनी से करार हुआ है, वह बीओटी (बिल्ट, ऑपरेट एंड ट्रांसफर) के आधार पर काम करेगी। दो महीने बाद इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जायेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत में पैरों से बिजली पैदा करना का यह पहला अविष्कार है। इससे श्रद्धालुओं के चलने से पैदा होने वाली ऊर्जा से बिजली पैदा की जायेगी। बताया जा रहा है कि इससे पैदा होने वाली बिजली से 200 बल्ब और 50 पंखे चलाये जा सकते है। इसके आलवा मंदिर से निकलने वाले कचरे से भी बिजली और गैस पैदा की जायेगी।
विज्ञापन
ट्रस्ट के अध्यक्ष ने बताया कि भक्तों के रास्ते में 200 पेडल लगाए जाएंगे और लोग जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, ये पेडल दबेंगे और बिजली पैदा होगी। खास बाद ये है कि श्री साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट इसके ऊपर कोई पैसा खर्च नहीं करेगा। जिस कंपनी से करार हुआ है, वह बीओटी (बिल्ट, ऑपरेट एंड ट्रांसफर) के आधार पर काम करेगी। दो महीने बाद इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जायेगा।
विज्ञापन