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गौरक्षकों के नाम पर समाज में फैल रहे भय को खत्म करें पीएम : शंकराचार्य

Wed, 12 Apr 2017 10:35 AM IST
वात्सल्य राय / बीबीसी संवाददाता
वात्सल्य राय / बीबीसी संवाददाता Updated Wed, 12 Apr 2017 10:35 AM IST
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End the fear of spreading society in the name of Cow protection PM: Shankaracharya
गोवर्धनपुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद महाराज का कहना है कि गौरक्षा के नाम पर जो भय का माहौल बना है उसका लेखा-जोखा उन राजनेताओं को करना चाहिए 'जिन्होंने भय मुक्त समाज-व्यवस्था कायम करने की शपथ ली है'। उन्होंने कहा कि कानून अपने हाथ में लेने वाले कथित गौरक्षकों को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहल करनी चाहिए।
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शंकराचार्य अधोक्षजानंद ने बीबीसी से कहा, "भारत के प्रधानमंत्री ऐसे गौभक्तों के बारे में कुछ दिन पहले अपना बयान स्पष्ट कर चुके हैं। इससे जाहिर है कि सारी जानकारियां प्रधानमंत्री जी को भी हैं। वो स्वत: इस पर निर्णय लें कि जिन कारणों से समाज का वातावरण और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होती है, उसे किस तरह सुधारना है।"
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आजम खान ने शंकराचार्य को लौटाई गाय

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उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के विधायक और पूर्व मंत्री आजम खान ने हाल में ही शंकराचार्य अधोक्षजानंद को एक गाय लौटाई है, जो उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले आजम खान को दी थी। आजम खान ने गाय लौटाने का फैसला राजस्थान में कथित गौरक्षकों की ओर से कुछ मुसलमानों पर हुए हमले के बाद लिया। इसे लेकर शंकराचार्य कहते हैं, "उन्होंने हमें एक दो पन्ने का पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि आपकी ओर से दी गई गाय मुझे मजबूरी में वापस करनी पड़ रही है।

राजस्थान में गाय ले जाने वाले मुसलमानों को कुछ कथित गौरक्षकों की ओर से नुकसान पहुंचाया गया, उसे लेकर पत्र में उन्होंने चिंता दर्शायी है और भय भी दर्शाया है।" शंकराचार्य अधोक्षजानंद बताते हैं कि आजम खान को ये गाय साल 2013 में इलाहाबाद में आयोजित कुंभ की बेहतर व्यवस्था करने के लिए दी गई थी। शंकराचार्य का दावा है कि आजम खान खुद भी काली गाय की सेवा करना चाहते थे।

सरकार को कानून बनाकर गायों की रक्षा करनी चाहिए

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हालांकि, शंकराचार्य कहते हैं कि वो आजम खान के गाय लौटाने के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, "मैं ये जरूर चाहूंगा कि देश में अमन-शांति बनी रहे। सांप्रदायिक सद्भाव कायम रहे। एक दूसरे के जो आस्था केंद्र हैं उनका सम्मान सब लोग करें।" शंकराचार्य अधोक्षजानंद कहते हैं कि सरकार को कानून बनाकर गायों की रक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "एक कानूनी लाइन बन जाए कि देश के अंदर गाय को नुकसान पहुंचाने वाले को फांसी की सजा है। जब ये कानून बन जाएगा तो इस पर किसी प्रकार की गफलतखोरी करने का हकट न गोभक्तों और न गोकशी करने वालों को होगा। इसकी गुंजाइश भी नहीं होगी।"
 
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