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West Bengal: कोलकाता की सड़कों पर उतरे आक्रोशित शिक्षक, नौकरी खोने और पुलिस के एक्शन के खिलाफ बढ़ रहा आक्रोश

Thu, 10 Apr 2025 04:23 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 10 Apr 2025 04:23 PM IST
सार

Kolkata Teachers Protest: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पश्चिम बंगाल में 26000 शिक्षकों की नौकरी जाने के बाद कोलकाता में पात्र शिक्षकों ने विरोध रैली निकाली है। शिक्षक नौकरी जाने और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

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'Eligible' teachers stage rallies in Kolkata to protest job loss, police action, News in Hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

कोलकाता की सड़कों पर आक्रोशित शिक्षक उतरे हैं, वे नौकरी खोने और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बता दें कि, लगभग 500 ‘पात्र’ शिक्षकों, जिनकी नौकरियां सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रद्द कर दी गई थीं, जिसने लगभग 26,000 शिक्षकों की नौकरियों को अमान्य घोषित कर दिया था, ने गुरुवार को शहर में रैली निकाली और मांग की कि उन्हें दंडित नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें ‘दागी’ लोगों के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
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क्या है पात्र शिक्षकों की मांग?
मामले में 'जोग्यो शिक्षक मंच' (Jogyo Sikshak Manch) के प्रवक्ताओं में से एक महबूब मोंडल ने बताया, 'हम योग्य शिक्षकों की मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं कि उन्हें स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) की ओर से योग्य और दागी उम्मीदवारों के बीच अंतर करने में विफलता के लिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए, जो 2016 में भर्ती परीक्षा में बैठे और नियुक्ति पत्र प्राप्त कर लिए।'
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उन्होंने आरोप लगाया कि, 'शहर में जिला शिक्षा निरीक्षक के कार्यालय में एक प्रतिनिधिमंडल को सौंपने के लिए पुलिस ने हम पर लाठीचार्ज किया और एक पुलिस अधिकारी ने हमें लात मारी। हम राज्य सरकार की तरफ से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के कारण हमारी नौकरियों को छीने जाने के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध भी नहीं कर सकते। तो अब हमें कहां जाना चाहिए? हम सड़कों पर हैं और कोई दूसरा विकल्प नहीं खोज पा रहे हैं।' 

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वहीं यह पूछे जाने पर कि क्या वे एसएससी कार्यालय भवन के सामने पात्र शिक्षकों के दूसरे समूह के साथ रिले भूख हड़ताल में शामिल होंगे, इस पर मंडल ने कहा, 'हम इस कार्यक्रम के बाद फैसला करेंगे। अगर वे (अनशनकारी शिक्षक) भी पात्र हैं, तो हम उनके साथ होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंच शहीद मीनार पर धरना दे रहे शिक्षकों के दूसरे वर्ग से जुड़ा नहीं है, लेकिन किसी भी योग्य उम्मीदवार की वैध मांग का समर्थन करेगा। 

क्या है पूरा मामला
3 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में एसएससी की तरफ से भर्ती अभियान के माध्यम से नियुक्त 25,753 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती को रद्द करने वाले कलकत्ता उच्च न्यायालय के 2024 के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें पूरी चयन प्रक्रिया को 'दूषित और दागी' करार दिया गया। बेरोजगार हुए लोगों ने दावा किया कि उनकी दुर्दशा का कारण एसएससी की तरफ से धोखाधड़ी के माध्यम से नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों और नहीं पाने वाले उम्मीदवारों के बीच अंतर करने में असमर्थता है।

OMR शीट जारी करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल
सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले के बाद अपनी नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों के एक वर्ग ने गुरुवार को क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की जिसमें स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) से मांग की गई कि वह दागी और बेदाग शिक्षकों की पहचान करे और ओएमआर शीट विवरण तुरंत प्रकाशित करे। कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और भाजपा सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग कार्यालय के बाहर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षकों से मुलाकात की।


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