फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Elgar Parishad-Koregaon Bhima case: Court dismisses bail plea of activist Sudha Bhardwaj

एल्गार परिषद-कोरेगांव भीमा मामला: अदालत ने कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज की जमानत याचिका खारिज की

Fri, 28 Aug 2020 07:10 PM IST
Rajeev Rai पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: Rajeev Rai Updated Fri, 28 Aug 2020 07:10 PM IST
विज्ञापन
Elgar Parishad-Koregaon Bhima case: Court dismisses bail plea of activist Sudha Bhardwaj
सुधा भारद्वाज (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एल्गार परिषद-कोरेगांव भीमा मामले में आरोपी वकील एवं कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को जमानत देने से इंकार कर दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा की जा रही जांच में आरोपी सुधा भारद्वाज की अपील पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। 

विज्ञापन


न्यायमूर्ति आर डी धानुका की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस साल जून में दायर भारद्वाज की अपील को खारिज कर दिया। अपनी अपील में उन्होंने विशेष अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर उन्हें जमानत देने से इंकार किया गया था।
विज्ञापन


भारद्वाज (58) ने जमानत का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया और कहा कि वह मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य की ये समस्याएं भायखला महिला जेल में रहते हुए उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने का जोखिम बढ़ाती हैं, जहां एक कैदी पूर्व में कोविड-19 की जांच में संक्रमित पाई गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि, अदालत ने एनआईए और महाराष्ट्र सरकार की दलीलों पर गौर किया जिनमें कहा गया कि जेल के अधिकारी कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सभी एहतियात बरत रहे हैं और वे भारद्वाज को उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जरूरी चिकित्सीय देखभाल उपलब्ध करा रहे हैं।

एनआईए के वकील, अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल अनिल सिंह ने भी अदालत को बताया कि अगर किसी भी वक्त भारद्वाज को और इलाज की जरूरत पड़ेगी या उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ेगी तो राज्य इसकी व्यवस्था करेगा। उन्होंने कहा कि मामले में सह-आरोपी, कवि-कार्यकर्ता वरवर राव को सरकारी जेजे अस्पताल में और बाद में कोविड-19 एवं अन्य बीमारियों के इलाज के लिए निजी नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था।


उच्च न्यायालय ने भारद्वाज की याचिका खारिज करते हुए कहा, 'हमारी नजर में, जमानत का कोई आधार नहीं बनता है। इस आवेदन में विचार योग्य कोई गुण नहीं है।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed