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Assembly Elections 2022: पांच राज्यों के चुनाव स्थगित होने के आसार नहीं, आयोग ने सरकार से मांगा टीकाकरण पर ब्यौरा
Mon, 27 Dec 2021 07:23 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 27 Dec 2021 07:23 PM IST
सार
सूत्रों ने कहा कि ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच चुनाव आयोग ने आज स्वास्थ्य सचिव से चर्चा की और टीका कवरेज और कोरोना संक्रमण पर विवरण मांगा।
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मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा
- फोटो : ANI
विस्तार
अगले साल की शुरुआत में होने वाले पांच राज्यों के चुनाव स्थगित होने की संभावना नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग द्वारा राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराने के संवैधानिक जनादेश का पालन करेगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे के मद्देनजर चुनाव एक या दो महीने के लिए टालने का आग्रह किया था।
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अगले साल पांच राज्यों में चुनाव
अगले साल उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में चुनाव होने हैं। गोवा विधानसभा का कार्यकाल 15 मार्च को समाप्त हो रहा है, मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 19 मार्च को समाप्त हो रहा है और उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 14 मई को समाप्त हो रहा है। सूत्रों ने कहा कि ओमिक्रॉन के मामले बढ़ने के साथ ही चुनाव आयोग ने आज स्वास्थ्य सचिव से परामर्श किया और टीका कवरेज और संक्रमण पर विवरण मांगा। चुनाव आयोग ने सख्त कोविड प्रोटोकॉल की जरूरत पर भी चर्चा की। राज्य की चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए चुनाव आयोग मंगलवार को उत्तर प्रदेश का दौरा करेगा। अधिकारी चुनाव के लिए सुरक्षा तैनाती के मद्देनजर अर्धसैनिक बलों के प्रमुखों से भी मुलाकात करेंगे।
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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने किया था चुनाव टालने का अनुरोध
शुक्रवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से चुनाव स्थगित करने का अनुरोध किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चुनावी रैलियों और अन्य सभाओं पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था। न्यायमूर्ति शेखर यादव ने कहा कि अगर रैलियों को नहीं रोका गया तो परिणाम दूसरी लहर से भी बदतर होंगे। उन्होंने कहा, जान है तो जहान है।
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जस्टिव यादव ने टिप्पणी की कि बंगाल चुनाव और ग्राम पंचायत चुनावों ने कई लोगों को संक्रमित किया था और मौतें भी हुई थीं। वहीं, विभिन्न दलों ने चुनावों के लिए अपने अभियान तेज कर दिए हैं, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में जो भारत के सबसे अधिक लोकसभा सीटों के साथ राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य है। दक्षिण अफ्रीका में पिछले महीने पाए गए कोविड के अत्यधिक संक्रामक रूप ओमिक्रॉन के मामलों में तेजी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और पंजाब में रैली की भीड़ बढ़ रही है।