{"_id":"6766af6804a895205a08c39b","slug":"election-rules-tweaked-to-restrict-public-inspection-of-electronic-records-news-in-hindi-2024-12-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"ECI: इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के सार्वजनिक निरीक्षण पर प्रतिबंध, जानें चुनाव नियमों में क्यों किया गया बदलाव","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ECI: इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के सार्वजनिक निरीक्षण पर प्रतिबंध, जानें चुनाव नियमों में क्यों किया गया बदलाव
Sat, 21 Dec 2024 05:37 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 21 Dec 2024 05:37 PM IST
सार
Election Commission: केंद्र सरकार ने सीसीटीवी कैमरा और वेबकास्टिंग फुटेज के साथ-साथ उम्मीदवारों की वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे कुछ इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के सार्वजनिक निरीक्षण को रोकने के लिए चुनाव नियम में बदलाव किया है ताकि उनका दुरुपयोग रोका जा सके।
विज्ञापन
चुनाव नियमों में किया गया बदलाव
- फोटो : ANI
विस्तार
चुनाव आयोग (ईसी) की सिफारिश के आधार पर, केंद्रीय कानून मंत्रालय ने चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 93 में संशोधन किया है, ताकि सार्वजनिक निरीक्षण के लिए खुले 'कागजातों' या दस्तावेजों को प्रतिबंधित किया जा सके। नियम 93 के अनुसार, चुनाव से संबंधित सभी 'कागजात' सार्वजनिक निरीक्षण के लिए खुले रहेंगे। इस संशोधन में 'कागजातों' के बाद 'इन नियमों में निर्दिष्ट अनुसार' जोड़ा गया है।
संशोधन के पीछे था एक अदालती मामला
कानून मंत्रालय और चुनाव आयोग के अधिकारियों ने अलग-अलग बताया कि संशोधन के पीछे एक अदालती मामला 'ट्रिगर' था। जबकि नामांकन फॉर्म, चुनाव एजेंटों की नियुक्ति, परिणाम और चुनाव खाता विवरण जैसे दस्तावेजों का उल्लेख चुनाव संचालन नियमों में किया गया है, आदर्श आचार संहिता अवधि के दौरान उम्मीदवारों के सीसीटीवी कैमरा फुटेज, वेबकास्टिंग फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज इसके दायरे में नहीं आते हैं।
'नियमों का हवाला देकर मांगे गए हैं इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड'
चुनाव आयोग के एक पदाधिकारी ने कहा, 'ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब नियमों का हवाला देते हुए ऐसे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मांगे गए हैं। संशोधन यह सुनिश्चित करता है कि नियमों में उल्लिखित कागजात ही सार्वजनिक निरीक्षण के लिए उपलब्ध हों और कोई अन्य दस्तावेज जिसका नियमों में कोई संदर्भ नहीं है, उसे सार्वजनिक निरीक्षण की अनुमति नहीं है।' चुनाव आयोग के पदाधिकारियों ने कहा कि मतदान केंद्रों के अंदर से सीसीटीवी कैमरे की फुटेज का दुरुपयोग मतदाता गोपनीयता से समझौता कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि फुटेज का इस्तेमाल एआई का उपयोग करके फर्जी कहानी बनाने के लिए किया जा सकता है।
विज्ञापन
हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर हाईकोर्ट ने दिया था निर्देश
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हाल ही में चुनाव आयोग को हरियाणा विधानसभा चुनाव से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां अधिवक्ता महमूद प्राचा को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। उन्होंने चुनाव संचालन से संबंधित वीडियोग्राफी, सीसीटीवी कैमरा फुटेज और फॉर्म 17-सी भाग I और II की प्रतियां मांगने के लिए याचिका दायर की थी।
चुनाव आयोग पारदर्शिता से क्यों डरता है- कांग्रेस
वहीं इस मामले में कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा और पूछा कि चुनाव आयोग पारदर्शिता से क्यों डरता है। जयराम रमेश ने कहा- पार्टी संशोधन को कानूनी रूप से चुनौती देगी। सोशल मीडिया एक्स पर रमेश ने कहा, 'अगर हाल के दिनों में भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की तरफ से प्रबंधित चुनावी प्रक्रिया की तेजी से खत्म होती अखंडता के बारे में हमारे दावों की कभी पुष्टि हुई है, तो वह यही है।'
विज्ञापन
संशोधन के पीछे था एक अदालती मामला
कानून मंत्रालय और चुनाव आयोग के अधिकारियों ने अलग-अलग बताया कि संशोधन के पीछे एक अदालती मामला 'ट्रिगर' था। जबकि नामांकन फॉर्म, चुनाव एजेंटों की नियुक्ति, परिणाम और चुनाव खाता विवरण जैसे दस्तावेजों का उल्लेख चुनाव संचालन नियमों में किया गया है, आदर्श आचार संहिता अवधि के दौरान उम्मीदवारों के सीसीटीवी कैमरा फुटेज, वेबकास्टिंग फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज इसके दायरे में नहीं आते हैं।
विज्ञापन
'नियमों का हवाला देकर मांगे गए हैं इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड'
चुनाव आयोग के एक पदाधिकारी ने कहा, 'ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब नियमों का हवाला देते हुए ऐसे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मांगे गए हैं। संशोधन यह सुनिश्चित करता है कि नियमों में उल्लिखित कागजात ही सार्वजनिक निरीक्षण के लिए उपलब्ध हों और कोई अन्य दस्तावेज जिसका नियमों में कोई संदर्भ नहीं है, उसे सार्वजनिक निरीक्षण की अनुमति नहीं है।' चुनाव आयोग के पदाधिकारियों ने कहा कि मतदान केंद्रों के अंदर से सीसीटीवी कैमरे की फुटेज का दुरुपयोग मतदाता गोपनीयता से समझौता कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि फुटेज का इस्तेमाल एआई का उपयोग करके फर्जी कहानी बनाने के लिए किया जा सकता है।
विज्ञापन
हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर हाईकोर्ट ने दिया था निर्देश
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हाल ही में चुनाव आयोग को हरियाणा विधानसभा चुनाव से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां अधिवक्ता महमूद प्राचा को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। उन्होंने चुनाव संचालन से संबंधित वीडियोग्राफी, सीसीटीवी कैमरा फुटेज और फॉर्म 17-सी भाग I और II की प्रतियां मांगने के लिए याचिका दायर की थी।
चुनाव आयोग पारदर्शिता से क्यों डरता है- कांग्रेस
वहीं इस मामले में कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा और पूछा कि चुनाव आयोग पारदर्शिता से क्यों डरता है। जयराम रमेश ने कहा- पार्टी संशोधन को कानूनी रूप से चुनौती देगी। सोशल मीडिया एक्स पर रमेश ने कहा, 'अगर हाल के दिनों में भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की तरफ से प्रबंधित चुनावी प्रक्रिया की तेजी से खत्म होती अखंडता के बारे में हमारे दावों की कभी पुष्टि हुई है, तो वह यही है।'