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पिता अशोक लवासा के नक्शेकदम पर चल रही हैं लेह की निर्वाचन अधिकारी अवनी लवासा

Sat, 18 May 2019 08:48 PM IST
Gaurav Pandey जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Sat, 18 May 2019 08:48 PM IST
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Election Officer of Leh Avani Lavasa has same mindset as his father Ashok Lavasa
अवनी लवासा - फोटो : फेसबुक

भारतीय निर्वाचन आयोग में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, इस बाबत चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने अपने मन की बात को सार्वजनिक करने की हिम्मत दिखाई है। दूसरी ओर उनकी बेटी अवनी लवासा, जो कि लेह की जिला कलेक्टर और चुनाव अधिकारी हैं, भी अपने पापा की तरह दो कदम आगे रखकर चलने में भरोसा करती हैं। 

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उन्होंने बतौर जिला निर्वाचन अधिकारी जम्मू-कश्मीर के भाजपा नेताओं के खिलाफ मीडियाकर्मियों को रिश्वत देने के मामले में एफआईआर दर्ज कराने में देर नहीं लगाई। बताया जाता है कि मामले को रफा-दफा करने के लिए उन पर दबाव बनाया गया था, लेकिन उन्होंने कानून के मुताबिक कार्रवाई की।

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2017 में मिली थी लेह में उपायुक्त की पोस्टिंग

बता दें कि अवनी लवासा ने 2012 में आईएएस की परीक्षा पास की थी। उन्हें सितंबर 2017 में उपायुक्त लेह की पोस्टिंग मिली। अवनी लवासा ने बहुत कम समय में वहां कई ऐसे काम कर दिए, जिससे जनता उनकी प्रशंसक बन गई। लेह शहर में बढ़ते यातायात को कम करने के लिए उन्होंने कई सख्त कदम उठाए। 

नए कॉमर्शियल वाहनों के पंजीकरण पर रोक और किराए पर बाइक देने के नियमों में भी बदलाव कर दिया। नो व्हीकल डे के तहत शनिवार के दिन कोई भी अधिकारी या कर्मचारी सरकारी और निजी वाहन का इस्तेमाल नहीं करेगा। दुपहिया वाहन, साइकिल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मदद लेकर दफ्तर आना होगा। 

उठाए कई सख्त कदम

शुरू में उनका यह फैसला कई कर्मचारियों को रास नहीं आया। अवनी लवासा ने मीटिंग कर कर्मियों को समझाया तो वे खुशी से नो व्हीकल डे में शामिल हो गए। वाटर मैनेजमेंट, आर्गेनिक फार्मिंग, अपराधिक घटनाओं पर कंट्रोल, स्वास्थ्य और प्रदूषण जैसे विषयों में उन्होंने जनता को साथ लेकर जब काम करना शुरु किया तो सभी उनके कदमों से कदम मिलाकर चलने लगे।

पेंगांग लेक के आसपास के क्षेत्र को नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित कर दिया गया। पर्यटकों की वजह से लेक के आसपास गंदगी बढ़ती जा रही थी। इन कामों के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखना शुरू कर दिया कि अवनी लवासा को लंबे समय तक लेह में जिला कलेक्टर के पद पर बरकरार रखा जाए।

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जम्मू-कश्मीर के भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ लगे थे आरोप, अवनी ने नहीं माना राजनीतिक दबाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के बाबत मिली शिकायतों को लेकर दिल्ली में चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच अनबन चल रही थी तो उसी दौरान उनकी बेटी अवनी के साथ भी कुछ ऐसी ही परिस्थितियां थी। 

मई के पहले सप्ताह में जम्मू-कश्मीर भाजपा  के अध्यक्ष रविंदर रैना और विधान परिषद सदस्य विक्रम रंधावा पर मीडिया कर्मियों को रिश्वत देने के आरोप लगे थे। संसदीय चुनावों में अनुचित प्रभाव डालने के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। अवनी लवासा ने पत्रकारों की शिकायत पर स्वयं इस मामले की जांच की। 

इसके बाद उन्होंने पुलिस के माध्यम से जिला अदालत से मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दिशा-निर्देश मांगे थे। इस मामले में उन पर राजनीतिक दबाव भी बनाया गया, लेकिन अवनी लवासा ने किसी की नहीं सुनी और कानून के मुताबिक कार्रवाई को अंजाम दिया।

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