{"_id":"61b2361bf648910bba416314","slug":"election-commission-sushil-chandra-said-that-officials-should-deal-strictly-with-black-money-latest-news-update","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव आयोग: सुशील चंद्रा बोले- अधिकारियों को काले धन से सख्ती से निपटना चाहिए, लोकतंत्र को मजबूत करने का किया आह्वान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
चुनाव आयोग: सुशील चंद्रा बोले- अधिकारियों को काले धन से सख्ती से निपटना चाहिए, लोकतंत्र को मजबूत करने का किया आह्वान
Thu, 09 Dec 2021 10:30 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 09 Dec 2021 10:30 PM IST
सार
सीईसी सुशील चंद्र ने बताया कि पिछले चुनाव में देश में 93 करोड़ मतदाता थे और 10.5 लाख बूथ। 300 चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे। हाल ही में चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में हुए चुनाव के दौरान दौरान एक हजार करोड़ रुपये का काला धन पकड़ा गया था, जो वर्ष 2016 में हुए चुनाव से चार गुना से भी ज्यादा है।
विज्ञापन
Sushil Chandra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुशील चंद्रा ने आह्वान किया कि भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारियों को काले धन से सख्ती से निपटना चाहिए। इसके लिए शुरुआत से ही मेहनत करनी होगी। उन्हें इस देश में काले धन पर काबू पाने के लिए चुना गया है। ईमानदार करदाताओं को लाभ पहुंचाना और लोकतंत्र को मजबूत करना उनका पहला लक्ष्य होना चाहिए।
विज्ञापन
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी और इलेक्शन मैनेजमेंट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में 74वें बैच के अधिकारियों को संबोधित करते हुए सुशील चंद्रा ने कहा कि आपको शुरू से अपना दिमाग बनाकर चलना होगा कि काला धन केवल फाइलों में नहीं दिखता। आजकल इसे जटिल तरीकों से रखा जाता है। इसकी परतें बनाई जाती हैं। लेन-देन मुखौटा कंपनियों के माध्यम से होने लगा है। आपको देश के लिए अपना लक्ष्य पूरा करने की प्रक्रिया की जानकारी होनी चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सिविल सेवा के आदर्श समर्पण, संकल्प और निष्पक्षता हैं। यह आपको महत्वाकांक्षा पूरी करने और प्रतिभा दिखाने के भरपूर मौके देती है। उन्होंने उत्कृष्टता को आदत बनाने और ईमानदारी से काम करने का भी आह्वान किया। उन्होंने सुशासन के लिए व्यवस्थागत परिवर्तनों पर बल दिया। इसके लिए उन्होंने 2018 में फॉर्म-26 जरूरी करने का उदाहरण दिया, जिसमें प्रत्याशी को नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपनी सभी संपत्तियों और देनदारियों की जानकारी देना जरूरी बनाया गया है। अब सीबीडीटी इन शपथ-पत्रों की जांच कर इनके आधार पर भी चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों पर कार्रवाई कर रहा है।
विज्ञापन
चुनाव प्रक्रिया प्रशिक्षण लेने वाला ग्रुप-ए अफसरों का दूसरा बैच
चंद्रा ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया का प्रशिक्षण लेने वाला यह ग्रुप-ए अफसरों का यह केवल दूसरा बैच है। खर्चों पर नजर रखने, वित्त और खातों की गहरी समझ के चलते आईआरएस अधिकारी चुनाव आयोग के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे। आयोग देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और प्रलोभन से मुक्त चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खर्च पर्यवेक्षक के रूप में कई आईआरएस अधिकारियों ने सुनिश्चित किया है कि चुनाव में सभी उम्मीदवारों को मिले बराबरी के मौके को धनशक्ति प्रभावित न कर सके।
पिछले चुनाव में पकड़ा गया था चार गुना काला धन
सीईसी सुशील चंद्र ने बताया कि पिछले चुनाव में देश में 93 करोड़ मतदाता थे और 10.5 लाख बूथ। 300 चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे। हाल ही में चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में हुए चुनाव के दौरान दौरान एक हजार करोड़ रुपये का काला धन पकड़ा गया था, जो वर्ष 2016 में हुए चुनाव से चार गुना से भी ज्यादा है।