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Election Commission: बिहार मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य अंतिम पड़ाव पर, घर-घर जाकर 97 फीसदी फॉर्म बांटे

Wed, 09 Jul 2025 06:30 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, पटना
अमर उजाला ब्यूरो, पटना Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 09 Jul 2025 06:30 AM IST
सार

चुनाव आयोग ने बताया कि इसके अतिरिक्त, 18.16 प्रतिशत फॉर्म ईसीआईनेट पर अपलोड भी किए गए हैं। 24 जून, 2025 तक राज्य में दर्ज कुल 7,89,69,844 मतदाताओं को कवर करते हुए, निर्वाचन आयोग पूरी सक्रियता से यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिले, वहीं मृत, स्थानांतरित या अयोग्य व्यक्तियों को सूची से बाहर किया जा सके।

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Election Commission says Bihar voter list revision work in its final stage 97pc forms distributed door to door
चुनाव आयोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में आगामी चुनावों के मद्देनजर एक समावेशी और सटीक मतदाता सूची तैयार करने का वृहद अभियान अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। अभियान के तहत, हर मौजूदा मतदाता को पहले से भरे हुए फॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें उनके नाम, पते व पुरानी तस्वीरों समेत व्यक्तिगत विवरण शामिल हैं।

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चुनाव अधिकारियों के अनुसार, 7.90 करोड़ फॉर्म छापे गए और 97.4 प्रतिशत से अधिक (7,70,44,990)  मतदाताओं को बांटे जा चुके हैं। बीएलओ घर-घर जाकर इन फॉर्मों को इकट्ठा कर रहे हैं और हर घर में कम से कम तीन बार जाकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई मतदाता छूटे नहीं।
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आयोग ने बताया कि इसके अतिरिक्त, 18.16 प्रतिशत फॉर्म ईसीआईनेट पर अपलोड भी किए गए हैं। 24 जून, 2025 तक राज्य में दर्ज कुल 7,89,69,844 मतदाताओं को कवर करते हुए, निर्वाचन आयोग पूरी सक्रियता से यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिले, वहीं मृत, स्थानांतरित या अयोग्य व्यक्तियों को सूची से बाहर किया जा सके।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पूरी तरह साफ-सुथरी मतदाता सूची जरूरी है। आयोग ने बताया कि 14 दिनों में ही लगभग आधे फॉर्म जमा करने का आंकड़ा छू लिया है। मंगलवार शाम 6 बजे तक, कुल 7,89,69,844 मतदाताओं में से 3,70,77,077 प्रगणक फॉर्म एकत्र किए जा चुके हैं। उम्मीद है कि फॉर्म संग्रह का कार्य अंतिम तिथि 25 जुलाई, 2025 से काफी पहले ही पूरा कर लिया जाएगा।  आयोग ने कहा कि बड़ी संख्या में मतदाता इस अभियान में हिस्सा ले रहे हैं। पिछले 24 घंटों में 82,78,617 फॉर्म एकत्र किए गए हैं, जो एक ही दिन में 10.5% का आंकड़ा है। इस गति से शेष करीब 50 फीसदी फॉर्म भी समय पर जमा कर लिए जाएंगे।

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बीएलओ तीन बार हर घर जाएंगे
आयोग के मुताबिक जमीनी स्तर पर 20,603 नए बीएलओ जोड़े जाने से संग्रह प्रयासों में और तेजी आई है। पहले से ही 77,895 बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को उनके फॉर्म भरने और एकत्र करने में मदद कर रहे हैं। बीएलओ ने अपने अनिवार्य तीन दौरों में से प्रत्येक घर का पहला दौरा पूरा कर लिया है और दूसरा दौरा जारी है। अभियान के दौरान, यह भी जानकारी सामने आई है कि कई मतदाता मृत पाए गए हैं, या वे अपने मूल निवास स्थान से कहीं और स्थानांतरित हो गए हैं अथवा उनका पलायन हो गया है।

एक अगस्त को होगा मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन
निर्वाचन आयोग की योजना के अनुसार, जिन भी मतदाताओं के गणना प्रपत्र 25 जुलाई 2025 तक प्राप्त हो जाएंगे, उन सभी को 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित होने वाली मसौदा मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और बीएलओ यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दे रहे हैं कि वास्तविक मतदाताओं, विशेषकर बुजुर्गों, बीमारों, दिव्यांगजनों, गरीबों और अन्य कमजोर समूहों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है, इसके लिए स्वयंसेवकों की भी तैनात किया गया है।  मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या सुधार के लिए दावे और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 1 सितंबर है। इस दौरान पात्रता के दस्तावेज भी अलग से पेश किए जा सकते हैं।

क्या है मतदाता की पात्रता
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 और 19 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति जो भारत का नागरिक है, योग्यता तिथि पर 18 वर्ष से कम आयु का नहीं है, निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी है, और किसी भी कानून के तहत अयोग्य घोषित नहीं किया गया है, वह मतदाता के रूप में पात्र है।

  • निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम सिर्फ गहन जांच और ईआरओ के आदेश के बाद ही सूची से हटाया जाएगा। मसौदा सूची के प्रकाशन के बाद, ईआरओ प्रस्तावित मतदाताओं की पात्रता की जांच करेंगे और दस्तावेजों व फील्ड रिपोर्ट के आधार पर अपनी संतुष्टि सुनिश्चित करेंगे।

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संदेह हो तो डीएम-सीईओ के समक्ष कर सकते हैं अपील : चुनाव आयोग ने कहा कि यदि किसी मतदाता की पात्रता के संबंध में किसी को कोई संदेह होता है, तो ईआरओ/एईआरओ ऐसे प्रस्तावित मतदाता को नोटिस जारी करने के बाद ही उचित आदेश पारित किया जाएगा। निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, ईआरओ के निर्णय से असंतुष्ट कोई भी व्यक्ति जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के समक्ष अपील दायर कर सकता है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 के अनुसार, डीएम के आदेश के खिलाफ मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के समक्ष दूसरी अपील भी दायर की जा सकती है।


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