Bihar: छह साल बाद EC का आर्थिक इंटेलिजेंस पैनल सक्रिय; पहले चरण में 121 सामान्य पर्यवेक्षक, 18 पुलिस ऑब्जर्वर
चुनाव आयोग ने छह साल बाद अपनी आर्थिक खुफिया समिति को दोबारा सक्रिय किया है, ताकि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे, शराब और नशे के दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सके।
विस्तार
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने छह साल बाद अपनी आर्थिक खुफिया समिति को दोबारा सक्रिय किया है। जिससे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे, शराब और नशीले पदार्थों के इस्तेमाल पर अंकुश लगाया जा सके। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मल्टी-डिपार्टमेंटल कमेटी ऑन इलेक्शन इंटेलिजेंस की बैठक शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित की गई। उन्होने कहा कि इससे पहले इस कमेटी की आखिरी बैठक 2019 में हुई थी। बैठक में विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों और केंद्रीय पुलिस बलों की रणनीति को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई। शुक्रवार की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे।
चुनावों के दौरान धन-शक्ति पर निगरानी
गौरतलब है कि यह मल्टी-डिपार्टमेंटल कमेटी ऑन इलेक्शन इंटेलिजेंस को वर्ष 2014 के आम चुनाव से पहले बनाया गया था। 2014 से 2019 के बीच यह समिति समय-समय पर सक्रिय रही, लेकिन इसके बाद औपचारिक बैठकें नहीं हुईं। हालांकि एजेंसियां आपस में समन्वय बनाकर चुनावों के दौरान धन-शक्ति पर निगरानी रखती रही हैं।
कई बड़े विभागों के अफसर एकजुट होकर काम करेंगे
बता दें कि इस समिति में 17 विभाग और एजेंसियां शामिल हैं। जिनमें केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड , प्रवर्तन निदेशालय, राजस्व खुफिया निदेशालय, केंद्रीय आर्थिक खुफिया ब्यूरो , फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट, भारतीय रिजर्व बैंक, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स, सीआईएसएफ, बीएसएफ, सीआरपीएफ, सशस्त्र सीमा बल, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और डाक विभाग शामिल हैं।
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स्थानीय प्रशासन, पुलिस और चुनाव अधिकारियों के साथ बैठकें
साथ ही चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में तैनात सभी पर्यवेक्षकों ने अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों का दौरा किया है। वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और चुनाव अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। ताकि चुनावी प्रक्रिया की निगरानी, आचार संहिता के पालन और निष्पक्ष मतदान की सुनिश्चित हो सके।
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चुनाव आयोग ने की बिहार में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति
इसके अलावा निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव और देश के आठ विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उपचुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की तैनाती कर दी है। पहले चरण के लिए 121 सामान्य पर्यवेक्षक और 18 पुलिस पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। दूसरे चरण में 122 सामान्य और 20 पुलिस पर्यवेक्षक काम देखेंगे। वहीं, आठ सीटों पर हो रहे उपचुनाव में आठ सामान्य और आठ पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं ताकि मतदान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण हो सके। बिहार और सात राज्यों के अलग-अलग इलाकों में तैनात सभी पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्र का पहला दौरा पूरा कर चुके हैं और अब दोबारा वहीं लौट आए हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें पूरी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करने और चुनाव को पारदर्शी, स्वतंत्र व निष्पक्ष बनाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि पर्यवेक्षक राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मतदाताओं के लिए हमेशा उपलब्ध रहें और उनकी शिकायतों का तुरंत समाधान करें।