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'चुनाव के दौरान हिंसा बर्दाश्त नहीं': बंगाल में बोले मुख्य चुनाव आयुक्त, नौकरशाहों को निष्पक्ष रहने की दी सलाह
Tue, 05 Mar 2024 01:40 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 05 Mar 2024 01:40 PM IST
सार
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि अगर किसी भी उम्मीदवार की आपराधिक पृष्ठभूमि है तो एप के माध्यम से उम्मीदवार और उसके खिलाफ आपराधिक मामलों की पहचान की जा सकती है।
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राजीव कुमार
- फोटो : ANI
विस्तार
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर कुछ अहम जानकारी दी है। एक प्रेस कॉन्फेरेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चुनाव के दौरान हिंसा को रोकने के लिए कि निर्वाचन आयोग सी विजिल नाम से एक एप्लीकेश लॉन्च करने जा रहा है। सी-विजिल यानी की सिविलियन टू विजिलैंट, इसका मतलब है नागरिकों की सतर्कता।
राजीव कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग का मुख्य उद्देश्य राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसा मुक्त चुनाव कराना है। उन्होंने कहा, "चुनाव में डर या भय का कोई जगह नहीं है। नौकरशाहों का पक्षपातपूर्ण रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य में पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बलों की भी तैनाती की जाएगी, जो कि निष्पक्ष तरीके से होगा।"
क्या है सी-विजिल की विशेषताएं
राजीव कुमार ने इस एप्लीकेशन की विशेषताओं का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि अगर चुनाव के लिए किसी भी प्रकार की अनियमितता या हिंसा की तैयारी की जा रही है तो यूजर्स इस एप के माध्यम से शिकायत दर्ज करते हैं। दोषियों के खिलाफ 100 मिनट के भीतर कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ने आगे बताया कि अगर किसी भी उम्मीदवार की आपराधिक पृष्ठभूमि है तो इस एप के माध्यम से उम्मीदवार की पहचान और उसके खिलाफ आपराधिक मामलों की पहचान की जा सकती है। इसके साथ ही उम्मीदवार को अपने आपराधिक आरोपों के बारे में तीन अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित करना होगा। राजनीतिक पार्टियों को भी अपनी वेबसाइट और अखबारों के जरिए ऐसा करना पड़ेगा।
महिलाओं द्वारा संचालित होंने कुछ निर्वाचन केंद्र
राजीव कुमार ने आगे कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए कुछ मतदान ऐसे भी होंगे, जिसका संचालन केवल महिलाएं करेंगी। उन निर्वाचन केंद्रों पर महिला सुरक्षा बलों की तैनाती भी की जाएगी। इसी तरह से कुछ मतदान केंद्र पूरी तरह से दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा संचालित होंगे। यह समाज में एक उदाहरण पेश करेगा कि वे भी किसी से कम नहीं है।
बता दें कि राज्य में लोकसभा चुनाव की तैयारियों का जयजा लेने के लिए निर्वाचन आयोग की टीम ने सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में भाजपा ने आयोग से मांग की कि लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य में सिर्फ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) की तैनाती की जाए। भाजपा ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए यह जरूरी है।
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राजीव कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग का मुख्य उद्देश्य राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसा मुक्त चुनाव कराना है। उन्होंने कहा, "चुनाव में डर या भय का कोई जगह नहीं है। नौकरशाहों का पक्षपातपूर्ण रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य में पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बलों की भी तैनाती की जाएगी, जो कि निष्पक्ष तरीके से होगा।"
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क्या है सी-विजिल की विशेषताएं
राजीव कुमार ने इस एप्लीकेशन की विशेषताओं का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि अगर चुनाव के लिए किसी भी प्रकार की अनियमितता या हिंसा की तैयारी की जा रही है तो यूजर्स इस एप के माध्यम से शिकायत दर्ज करते हैं। दोषियों के खिलाफ 100 मिनट के भीतर कार्रवाई की जाएगी।
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#WATCH | Kolkata, West Bengal: Chief Election Commissioner Rajiv Kumar says, "Election Commission is going to launch an application called 'C-Vigil: Citizens be Vigilant'. If any preparations for any election-related irregularity or violence are being made. Users will be able to… pic.twitter.com/59VMl6xSvE
— ANI (@ANI) March 5, 2024
मुख्य चुनाव आयुक्त ने आगे बताया कि अगर किसी भी उम्मीदवार की आपराधिक पृष्ठभूमि है तो इस एप के माध्यम से उम्मीदवार की पहचान और उसके खिलाफ आपराधिक मामलों की पहचान की जा सकती है। इसके साथ ही उम्मीदवार को अपने आपराधिक आरोपों के बारे में तीन अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित करना होगा। राजनीतिक पार्टियों को भी अपनी वेबसाइट और अखबारों के जरिए ऐसा करना पड़ेगा।
महिलाओं द्वारा संचालित होंने कुछ निर्वाचन केंद्र
राजीव कुमार ने आगे कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए कुछ मतदान ऐसे भी होंगे, जिसका संचालन केवल महिलाएं करेंगी। उन निर्वाचन केंद्रों पर महिला सुरक्षा बलों की तैनाती भी की जाएगी। इसी तरह से कुछ मतदान केंद्र पूरी तरह से दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा संचालित होंगे। यह समाज में एक उदाहरण पेश करेगा कि वे भी किसी से कम नहीं है।
बता दें कि राज्य में लोकसभा चुनाव की तैयारियों का जयजा लेने के लिए निर्वाचन आयोग की टीम ने सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में भाजपा ने आयोग से मांग की कि लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य में सिर्फ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) की तैनाती की जाए। भाजपा ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए यह जरूरी है।