Election 2023: त्रिपुरा में छह और 12 फरवरी को रैलियां कर सकते हैं शाह, दो अन्य राज्यों पर भी भाजपा की नजर
भाजपा शासित राज्य की साठ सदस्यीय विधानसभा के लिए 16 फरवरी को मतदान होना है। पूर्वोत्तर के दो अन्य राज्यों नगालैंड और मेघालय में 27 फरवरी को मतदान होगा। तीनों राज्यों के लिए वोटों की गिनती 2 मार्च को होगी।
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 6 फरवरी और 12 फरवरी को त्रिपुरा में रैलियां करने की संभावना है। चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की घोषणा के बाद शाह का यह उत्तर पूर्वी राज्य में पहला राजनीतिक दौरा है। भाजपा शासित राज्य की साठ सदस्यीय विधानसभा के लिए 16 फरवरी को मतदान होना है।
पूर्वोत्तर के दो अन्य राज्यों नगालैंड और मेघालय में 27 फरवरी को मतदान होगा। तीनों राज्यों के लिए वोटों की गिनती 2 मार्च को होगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि शाह नगालैंड और मेघालय में भी जनसभाएं करेंगे और कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
पूर्वोत्तर के तीनों चुनावी राज्य अपने चुनावी आकार के लिहाज से भले ही छोटे हों, लेकिन उनका राजनीतिक महत्व बड़ा है। भाजपा जहां त्रिपुरा में सत्ता बरकरार रखने और दो अन्य राज्यों में अपने पैर पसारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, वहीं कांग्रेस और वाम दल खासकर त्रिपुरा में अपने खोए हुए प्रभाव को फिर से हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
टिकट न मिलने पर भाजपा विधायक ने दिया इस्तीफा
त्रिपुरा के भाजपा विधायक अतुल देबबर्मा ने मंगलवार को कहा कि आगामी चुनावों के लिए टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने भगवा पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने खोवाई जिले में अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र कृष्णापुर के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
उन्होंने कहा, मैंने पहले ही त्रिपुरा विधानसभा के अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया है और भाजपा भी छोड़ दी है। मैंने दिल्ली में अपनी आकर्षक नौकरी छोड़ दी थी। अगर मैंने पिछला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा होता तो मैं सेवा जारी रख सकता था। मैं त्रिपुरा के लोगों के लिए काम कर रहा हूं, दिल्ली में रहने वाले अपने परिवार से दूर रह रहा हूं।
भाजपा ने कृष्णापुर विधानसभा क्षेत्र से स्थानीय आदिवासी नेता विकास देबबर्मा को मैदान में उतारा है। नाराजगी जाहिर करते हुए डॉक्टर से नेता बने सिंह ने यह भी दावा किया कि पार्टी ने उनके प्रति कोई शिष्टाचार नहीं दिखाया है और यह नहीं बताया कि इस सीट के लिए मेरे नाम पर विचार क्यों नहीं किया गया।