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ED: यूको बैंक से 650 करोड़ का ऋण लिया, रकम को दूसरे कामों में लगाया; अब दावेदारों को वापस मिले 55 करोड़

Fri, 11 Jul 2025 01:45 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Fri, 11 Jul 2025 01:45 PM IST
सार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड के मामले में सफल समाधान आवेदक को 55,85,96,157/- रुपये मूल्य की संपत्तियां बहाल कर दी हैं।  ईडी ने सीबीआई द्वारा एफआईआर संख्या आरसीबीडी1/2018/ई/0007 के तहत 250.70 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी करने के लिए जांच शुरू की थी।

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ED: Took a loan of 650 crores from UCO Bank, invested the money in other works
प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : ED

विस्तार

अपराध की आय (पीओसी) को सही दावेदारों को बहाल करने के एक कदम में, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड के मामले में सफल समाधान आवेदक को 55,85,96,157/- रुपये मूल्य की संपत्तियां बहाल कर दी हैं। ईडी ने सीबीआई द्वारा एफआईआर संख्या आरसीबीडी1/2018/ई/0007, दिनांक 12.04.2018 के आधार पर एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड, हेम सिंह भराना और अन्य के खिलाफ आईपीसी, 1860 की धारा 120-बी/420, 467, 468 और 471 और पीसी अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) आर.डब्ल्यू. 13(1) के तहत 250.70 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी करने के लिए जांच शुरू की थी। आरोपी कंपनी ने यूको बैंक से 650 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किया। फिर धोखाधड़ी से उस राशि का एक हिस्सा, समूह की कंपनियों में स्थानांतरित कर दिया। यह समझौते का उल्लंघन था। 
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ईडी के अनुसार, एरा इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड कंपनी हवाई अड्डों, बिजली परियोजनाओं, संस्थागत और औद्योगिक परिसरों और मल्टीप्लेक्स और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, निजी क्षेत्र, सीपीडब्ल्यूडी और एशियाई विकास सहायता प्राप्त परियोजनाओं आदि के लिए आवासीय भवनों जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए विविध निर्माण गतिविधियों में लगी हुई है। इस मामले में, आरोपी कंपनी ने यूको बैंक से ऋण प्राप्त किया था। लोन का एक हिस्सा समूह की कंपनियों में स्थानांतरित कर दिया गया। इस राशि का उपयोग उन उद्देश्यों के लिए किया गया, जो ऋण समझौते का हिस्सा नहीं थे। खाते को 07.07.2013 को एनपीए घोषित कर दिया गया।
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इसके बाद, ईडी ने 07.10.2019, 08.07.2020 और 05.08.2020 को तीन अनंतिम कुर्की आदेश जारी किए, जिसमें कंपनी की दो टनल बोरिंग मशीनें और बैंक खाते की शेष राशि के अलावा अन्य चल और अचल संपत्तियां कुर्क की गईं। इस मामले में 12.03.2021 को एक अभियोजन शिकायत दायर की गई जिसमें कुर्क की गई संपत्तियों को जब्त करने की प्रार्थना की गई। 
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कंपनी के मामले का समाधान हो गया और एसए इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड नामक एक अन्य कंपनी को एनसीएलटी द्वारा 11.06.2024 को सफल समाधान आवेदक घोषित किया गया। मेसर्स एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड के नए प्रबंधन द्वारा विशेष न्यायालय, नई दिल्ली के समक्ष एक आवेदन दायर किया गया था, जो अब एनसीएलटी द्वारा सीपी(1बी) 190/पीबी/2017, जिसका शीर्षक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया बनाम मेसर्स एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड है, में पारित दिनांक 11.06.2024 के आदेश द्वारा अनुमोदित समाधान योजना के अनुसार कंपनी के मामलों की देखभाल कर रहा है।


ईडी ने एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड के नए प्रबंधन को कुर्क की गई संपत्तियां (अर्थात दो टनल बोरिंग मशीनें और कंपनी के बैंक खाते में शेष राशि) वापस करने पर सहमति व्यक्त की। इसके बाद विशेष न्यायालय ने 55,85,96,157/- रुपये की संपत्ति वापस करने का आदेश दे दिया। यह गलत तरीके से इस्तेमाल की गई धनराशि को सही दावेदारों तक वापस पहुँचाने के प्रवर्तन निदेशालय के चल रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रवर्तन निदेशालय धन शोधन से निपटने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि अपराध की आय उसके सही मालिकों तक पहुँचे।
 
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