फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ED supplementary prosecution Complained against crypto currency

ईडी: अपराध की कमाई को दुबई भेजा, वहां उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदला, फिर डार्क वेब से खरीदे नशीले पदार्थ

Sat, 19 Sep 2026 04:42 PM IST
जितेंद्र भारद्वाज डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: जितेंद्र भारद्वाज Updated Sat, 19 Sep 2026 04:42 PM IST
सार

ईडी ने गोवा के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज पीएमएलए कानून के तहत एक शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला नशीली दवाओं और साइकोट्रोपिक पदार्थों की संगठित अंतर-राज्यीय और सीमा-पार तस्करी से जुड़ा है, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 

विज्ञापन
ED supplementary prosecution Complained against crypto currency
ईडी की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय के पणजी जोनल ऑफिस ने शुक्रवार को नॉर्थ गोवा के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज (पीएमएलए के तहत स्पेशल कोर्ट) के सामने निहाल वडाक्कनचेरी नाज़र, प्रसोध पी.के., अल्फिन थॉमस, धीरज मैथ्यूज और निशांत प्रताप (आरोपी नंबर 8 से 12) के खिलाफ एक सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (अतिरिक्त अभियोजन शिकायत) दायर की है। यह शिकायत प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 की धारा 44 और धारा 45 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध करने के लिए दायर की गई है। इसे एक्ट की धारा 3 में परिभाषित किया गया है और धारा 4 के तहत दंडनीय है। यह सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट 16.03.2026 की मुख्य प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट के सिलसिले में दायर की गई है, जो ECIR/PJZO/02/2025 (13.02.2025) से जुड़ी है।
विज्ञापन


क्या हैं आरोप?
मार्च में मुख्य प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट सात आरोपियों के खिलाफ दायर की गई थी। इसमें नशीली दवाओं और साइकोट्रोपिक पदार्थों की संगठित अंतर-राज्यीय और सीमा-पार तस्करी के जरिए लगभग 3.96 करोड़ रुपये की अपराध से प्राप्त आय का मामला सामने आया था। इसके बाद हुई जांच में ऊपर बताए गए पांच और आरोपियों की पहचान की गई। उन पर मुकदमा चलाया जा रहा है। इन आरोपियों की भूमिका, अपराध से प्राप्त आय को बनाने, हासिल करने, लेयरिंग (लेन-देन की जटिल परतें बनाना), छिपाने और बदलने (जिसमें क्रिप्टोकरेंसी में सीमा-पार कन्वर्जन भी शामिल है) में रही है।
विज्ञापन


काली कमाई दुबई भेजी
ईडी के पणजी जोनल ऑफिस ने एनडीपीएस एक्ट, 1985 की धारा 20(b)(ii)(A) और 22(c) के तहत नॉर्थ गोवा पुलिस स्टेशन के एंटी-नारकोटिक सेल द्वारा मधुपन सुरेश शशिकला के ख़िलाफ़ दर्ज FIR नंबर 22/2024 (15.10.2024) के आधार पर पीएमएलए के तहत उक्त केस की जांच शुरू की थी। जांच में यह बात सामने आई है कि मधुपन एसएस ने 2016 से नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की संगठित अंतर-राज्यीय और सीमा-पार तस्करी के ज़रिए लगभग 3.96 करोड़ रुपये की अपराध से कमाई की। इस कमाई का एक हिस्सा बैंकिंग चैनलों के जरिए दुबई भेजा गया। वहां पर उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदला गया, जिसका इस्तेमाल बाद में डार्क वेब के ज़रिए नशीले पदार्थ खरीदने में किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


आगे की जांच के दौरान, सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट में जिन लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है, उनसे जुड़ी अपराध की कमाई की भी मात्रा तय की गई है। अनाम चरण प्रधान (आरोपी नंबर 2) के पास 9,39,250 रुपये और उत्तम चंद (आरोपी नंबर 3) के पास 17.48 लाख रुपये की अपराध से हुई कमाई की पहचान की गई। इसके बाद, PAO नंबर 13/2026 (16.09.2026) के ज़रिए अनाम चरण प्रधान की 9,39,250 रुपये और उत्तम चंद की 17.48 लाख रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से ज़ब्त कर लिया गया है।


ईडी ड्रग तस्करी नेटवर्क के वित्तीय ढांचे को निशाना बनाकर उनका पर्दाफाश करने और उन्हें खत्म करने के अपने संकल्प को दोहराती है। यह कार्रवाई 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत एक बड़े राष्ट्रीय उद्देश्य का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य नशा-मुक्त भारत बनाना है। ईडी अवैध ड्रग व्यापार और मनी लॉन्ड्रिंग से बनाई गई सभी संपत्तियों का पता लगाने, उनकी पहचान करने और उन्हें ज़ब्त करने के अपने संकल्प पर अडिग है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed