Bengal Coal Scam Case: पश्चिम बंगाल के कानून मंत्री की मुश्किलें बढ़ीं, कोयला घोटाले में ईडी ने किया तलब
ईडी के अधिकारी ने कहा कि घटक और समय की मांग करते हुए एजेंसी के अधिकारियों के सामने पेश होने से बच रहे हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला घोटाला मामले की जांच के सिलसिले में पश्चिम बंगाल के कानून मंत्री मलय घटक (Moloy Ghatak) को समन किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि टीएमसी नेता घटक को कोयला घोटाला मामले की जांच के सिलसिले में 19 जून को नई दिल्ली में पेश होने को कहा गया है।
आसनसोल उत्तर से टीएमसी विधायक घटक इस मामले में पूछताछ के लिए दो बार ईडी के समक्ष पेश हो चुके हैं। सीबीआई भी इसी मामले की जांच के सिलसिले में घटक के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। ईडी के अधिकारी ने कहा कि घटक और समय की मांग करते हुए एजेंसी के अधिकारियों के सामने पेश होने से बच रहे हैं।
पनामा पेपर्स मामले में कोलकाता कारोबारी की 2.74 करोड़ की संपत्ति जब्त
इधर, प्रवर्तन निदेशालय ने पनामा पेपर लीक मामले में कोलकाता के कारोबारी परिवार की 2.74 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इस परिवार का कथित तौर पर स्विस बैंक में खाता है और लीक हुए पनामा पेपर में इसका नाम आया था। ईडी ने सोमवार को बताया कि श्याम प्रसाद मुरारका (मृत) और संजय मुरारका की संपत्तियों को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत जब्त किया गया है। इनमें फिक्स डिपॉजिट, बैंक में जमा धनराशि और कोलकाता में जमीन शामिल है।
पनामा पेपर लीक मामले में ईडी ने फेमा के तहत दो जून को कारोबारी राजेंद्र पाटिल के बेंगलुरु के आवास और श्री पार्वती टेक्स (इंडिया) प्रा. लि. के कार्यालय परिसर की तलाशी ली थी। कंपनी में पाटिल और उनके परिवार के सदस्य निदेशक हैं। पाटिल का नाम भी उन लोगों में शामिल था जिन्होंने नियमों का उल्लंघन कर विदेश में करोड़ों रुपये जमा या निवेश किए हैं।