ED Raid: बीआरएस सरकार से जुड़े भेड़पालन घोटाले के सिलसिले में छापेमारी, हैदराबाद में आठ जगहों पर ईडी की दबिश
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तेलंगाना में बड़ी कार्रवाई कर रहा है। पिछली बीआरएस सरकार से जुड़े कथित भेड़पालन घोटाले के सिलसिले में हैदराबाद में आठ जगहों पर ईडी की छापेमारी जारी है। ईडी अधिकारी के मुताबिक, छापे उन लोगों के ठिकानों पर मारे गए हैं, जिन पर सरकारी योजना के धन की हेराफेरी करने का संदेह है।
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प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को करोड़ों रुपये के भेड़ पालन और वितरण घोटाले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच तेज कर दी है। इसके तहत हैदराबाद में कई जगहों पर छापेमारी की गई। घोटाला कथित तौर पर पिछली बीआरएस सरकार के दौरान हुआ था।
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व बीआरएस मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव के ओएसडी जी. कल्याण के अलावा घोटाले में शामिल लाभार्थियों, कथित बिचौलियों से जुड़े शहर में कम से कम आठ ठिकानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत छापेमारी की जा रही है। जांच कुछ राज्य पुलिस की एफआईआर पर आधारित है।
ईडी की जांच में अब तक क्या-क्या हुआ?
- ईडी ने पाया है कि एफआईआर में अपराध की आय केवल 2.1 करोड़ रुपये बताई गई है, लेकिन सीएजी की एक रिपोर्ट में राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान बताया गया है।
- सूत्रों के मुताबिक, मार्च 2021 को खत्म अवधि के लिए कैग की ऑडिट रिपोर्ट में प्रमुख भेड़ पालन विकास योजना (एसआरडीएस) के कार्यान्वयन में कई अनियमितताएं पाई गईं।
- इनमें लाभार्थीवार विवरण का रखरखाव न करना, परिवहन चालान और भुगतान से संबंधित चालानों का अनुचित रिकॉर्ड, यात्री वाहन या गैर-परिवहन वाहन पंजीकरण संख्या वाले चालानों के विरुद्ध भुगतान और भेड़ इकाइयों को आवंटित डुप्लिकेट टैग आदि शामिल हैं।
- मृत या अस्तित्वहीन व्यक्तियों को आवंटित भेड़ इकाइयों से संबंधित आरोपों की भी ईडी की ओर से जांच की जा रही है।
- ईडी ने पाया कि कैग की ऑडिट रिपोर्ट केवल सात जिलों (तेलंगाना के 33 में से) तक सीमित है, जहां राज्य सरकार को अनुमानित नुकसान 253.93 करोड़ रुपये आंका गया है।
- हालांकि, सूत्रों ने कहा कि तेलंगाना के सभी 33 जिलों के लिए आनुपातिक आधार पर नुकसान 1,000 करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका है।
आंध्र प्रदेश के 'शराब घोटाले' में एसआईटी ने 11 करोड़ जब्त किए
एक अन्य मामले में कथित 3,500 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) पुलिस ने बुधवार को हैदराबाद के पास एक फार्महाउस से 11 करोड़ रुपये नकद जब्त किए। घोटाले के मामले में आरोपी व्यक्ति संख्या 40 (ए-40) के रूप में सूचीबद्ध वरुण पुरुषोत्तम ने कथित तौर पर अपनी भूमिका कबूल की और महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किया, जिसके बाद छापेमारी की गई और छिपे हुए नकदी भंडार का पता चला। घोटाला हजारों करोड़ रुपये का है और इसमें फर्जी कंपनियों, रिश्वतखोरी और राजनीतिक संरक्षण का जाल शामिल है। पुलिस के अनुसार, पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान 2018 से 2024 के बीच एक कथित शराब घोटाला हुआ था।