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ED: माल की आवाजाही तक नहीं हुई, फर्जी सर्कुलर बैंकिंग लेनदेन से लिया ऋण; अफसर की मदद से 56.43 करोड़ की धांधली
Thu, 07 Aug 2025 08:07 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 07 Aug 2025 08:07 PM IST
सार
ईडी ने सीबीआई और पंजाब पुलिस द्वारा आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर उक्त मामले की जांच शुरू की थी।
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ED
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), जालंधर आंचलिक कार्यालय ने 06.08.2025 को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत मोहाली स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत के समक्ष मेसर्स स्नेहल एंटरप्राइजेज, संबंधित व्यक्तियों/संस्थाओं, बैंक अधिकारी और एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ 56.43 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की है। इस केस में आरोपियों ने बैंक अधिकारी की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है। माल की आवाजाही तक नहीं हुई, लेकिन फर्जी सर्कुलर बैंकिंग लेनदेन दिखाकर ऋण ले लिया। लोन का इस्तेमाल अपने निजी हितों के लिए किया।
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ईडी ने सीबीआई और पंजाब पुलिस द्वारा आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर उक्त मामले की जांच शुरू की थी। ईडी की जांच से पता चला है कि मेसर्स स्नेहल एंटरप्राइजेज ने बैंक अधिकारी की मदद से पंजाब नेशनल बैंक से ऋण सुविधाएं प्राप्त करने के लिए क्रेडिट योग और टर्नओवर को बढ़ाने के लिए, माल की किसी भी आवाजाही के बिना अपनी संबंधित संस्थाओं के साथ फर्जी सर्कुलर बैंकिंग लेनदेन किया है।
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जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने विभिन्न बिचौलियों और अन्य व्यापारिक सहयोगियों के माध्यम से ऋण राशि को कई स्तरों पर हड़प लिया। अंततः इसका उपयोग अपने निजी उद्देश्यों के लिए किया। प्रवर्तन निदेशालय ने इससे पहले, स्नेहल एंटरप्राइजेज और संबंधित व्यक्तियों व संस्थाओं से संबंधित 27.55 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को दिनांक 28.02.2024 के अनंतिम कुर्की आदेश के माध्यम से कुर्क किया गया था। इसकी पुष्टि न्याय निर्णायक प्राधिकारी द्वारा की गई थी। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
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