फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ED is not investigating CMRL funds given to UDF leaders targeting Vijayan CPI(M) said congress reply

सीएमआरएल से लेकर ईडी तक: केरल में क्यों मचा है सियासी घमासान? सीपीएम बोली- भाजपा और कांग्रेस में हो गई डील

Wed, 09 Sep 2026 02:45 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Wed, 09 Sep 2026 02:45 PM IST
सार

सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में ED की कार्रवाई को लेकर केरल में सियासी घमासान तेज हो गया है। CPI(M) नेता एम.वी. गोविंदन ने ED पर पिनाराई विजयन, वीना टी और पी.ए. मोहम्मद रियास को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए CMRL से जुड़े दूसरे कथित वित्तीय लेन-देन की जांच नहीं किए जाने पर सवाल उठाया है। वहीं कांग्रेस नेता और राज्य के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन और सनी जोसेफ ने कहा है कि मामला सामान्य राजनीतिक चंदे से अलग है और कानून को अपना काम करना चाहिए। 

विज्ञापन
ED is not investigating CMRL funds given to UDF leaders targeting Vijayan CPI(M)  said congress reply
पिनारई विजयन, पूर्व सीएम, केरल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड मामले को लेकर केरल की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय पर पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीना टी और उनके पति पी.ए. मोहम्मद रियास को राजनीतिक मकसद से निशाना बनाने का आरोप लगाया। गोविंदन ने सवाल उठाया कि अगर कोच्चि स्थित खनन कंपनी सीएमआरएल से कथित तौर पर कई लोगों और संस्थाओं को पैसे दिए गए, तो प्रवर्तन निदेशालय बाकी लेन-देन की जांच क्यों नहीं कर रहा है। दूसरी ओर, केरल कांग्रेस के नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला सामान्य राजनीतिक चंदे से अलग है और कानून को अपना काम करने दिया जाना चाहिए।

विज्ञापन


'बाकी लेन-देन की जांच क्यों नहीं?'
गोविंदन ने प्रवर्तन निदेशालय की उस कोशिश को 'राजनीति से प्रेरित' बताया, जिसमें पुलिस महानिदेशक रावाडा ए. चंद्रशेखर को पत्र भेजकर विजयन, वीना, रियास और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने को कहा गया है। यह कार्रवाई सीएमआरएल मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई जांच और तलाशी के दौरान सामने आए कथित 'सबूतों' के आधार पर की गई है। सीपीआई (एम) नेता ने दावा किया कि सीएमआरएल से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय के कथित रिश्वत मामले में अलग-अलग लोगों और संस्थाओं के साथ करीब 152 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन की बात सामने आई है, लेकिन जांच का ध्यान केवल वीना और उनकी अब बंद हो चुकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के साथ हुए लेन-देन पर है।
विज्ञापन


राज्य सरकार के कई मंत्रियों पर लगाया आरोप
गोविंदन ने पत्रकारों से कहा,'बाकी लेन-देन का क्या? जिन लोगों ने सीएमआरएल से योगदान के तौर पर पैसे लिए हैं, उनमें राज्य के मौजूदा गृह मंत्री रमेश चेन्निथला, उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालिकुट्टी और पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी शामिल हैं। उस बारे में कोई जांच क्यों नहीं हो रही है? इससे साफ पता चलता है कि प्रवर्तन निदेशालय राजनीतिक कारणों से विजयन और रियास को निशाना बना रहा है।' 
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेस और भाजपा के बीच 'समझौते' का भी लगाया आरोप
मार्क्सवादी नेता ने इस मुद्दे पर कांग्रेस के रुख को 'दोहरा' बताया। उनका आरोप है कि कांग्रेस अपने नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का विरोध करती है, लेकिन पहले वही पार्टी सवाल उठा चुकी है कि पिनाराई विजयन को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। इसलिए ऐसा लगता है कि इस मामले में कांग्रेस और भाजपा के बीच कोई समझौता हो रहा है। ऐसा लगता है कि इसकी प्रक्रिया चल रही है। हम ऐसी चालों का राजनीतिक और कानूनी, दोनों तरह से मुकाबला करेंगे। लोग इंतजार कर रहे हैं और देख रहे हैं कि सरकार क्या कदम उठाएगी।

'एक्सालॉजिक को 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान'
प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, सीएमआरएल ने सूचना प्रौद्योगिकी परामर्श सेवाओं के नाम पर वीना की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को कथित तौर पर 2.78 करोड़ रुपये का गलत भुगतान किया। यह कंपनी अब बंद हो चुकी है। केंद्रीय एजेंसी ने जून में वीना से जुड़ी जगहों पर तलाशी ली थी। उस समय वीना तिरुवनंतपुरम में विजयन के साथ किराए के मकान में रह रही थीं। तलाशी के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने उनसे पूछताछ भी की थी।

50 लाख रुपये के कर्ज का भी प्रवर्तन निदेशालय ने किया जिक्र
प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक एस.एन. शशिधरन कार्था द्वारा संचालित एम्पावर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने एक्सालॉजिक को कुल 50 लाख रुपये का ऋण दिया था। एजेंसी के मुताबिक, एक्सालॉजिक समय पर इस ऋण का भुगतान करने में विफल रही थी। प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि उसकी पिछली जांच में सामने आया था कि एस.एन. शशिधरन कार्था के नेतृत्व में सीएमआरएल के प्रबंधन ने अपराध से प्राप्त आय पैदा की और अलग-अलग लोगों को कथित तौर पर रिश्वत दी। एजेंसी का आरोप है कि वीना भी उन लोगों में शामिल थीं, जिन्हें बिना कोई सेवा दिए सीएमआरएल से पैसे मिले।

तलाशी में मिले कथित खातों ने बढ़ाई हलचल
प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, तलाशी के दौरान उसे वीना के पास रखे कुछ खाते मिले। इनमें कथित तौर पर अलग-अलग व्यक्तियों के नाम, संभाली गई और खर्च की गई रकम तथा दुबई भेजी गई राशि का विवरण दर्ज था। एजेंसी की विज्ञप्ति में कहा गया कि इन खातों में संयुक्त अरब अमीरात की मुद्रा और भारतीय रुपये में संभाली गई रकम का ब्योरा मौजूद था।

गंभीर आरोपों की एक और कड़ी है एसएफआईओ की जांच
मामले में गंभीर आरोपों की एक और कड़ी गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय की जांच से जुड़ी है। एसएफआईओ की जांच में कथित तौर पर पता चला कि सीएमआरएल ने 15 वर्षों की अवधि में 182 करोड़ रुपये के फर्जी नकद खर्च दिखाए। आरोप है कि इन रकम का इस्तेमाल अलग-अलग लोगों को रिश्वत देने के लिए किया गया। सीएमआरएल द्वारा दिखाए गए कथित फर्जी खर्चों में एक भुगतान केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीना से भी जुड़ा बताया गया है।

18 अगस्त को नौ ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी
इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय के कोच्चि क्षेत्र ने 18 अगस्त को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत कोझिकोड में नौ जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़े कथित कंपनी धोखाधड़ी और रिश्वत के भुगतान की जांच के सिलसिले में की गई। प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद ही मामले ने एक बार फिर केरल की राजनीति में जोर पकड़ लिया और सीपीआई (एम) ने केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

'राजनीतिक चंदे से अलग है सीएमआरएल मामला'
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने बुधवार को साफ किया कि सीएमआरएल-एक्सालॉजिक विवाद की तुलना कंपनियों और व्यक्तियों से राजनीतिक दलों को मिलने वाले सामान्य चंदे से नहीं की जा सकती। सतीसन ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और मामले की कानूनी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी। राजनीतिक पार्टियां कंपनियों और व्यक्तियों से पैसा लेती हैं। लेकिन यह मामला अलग है। प्रवर्तन निदेशालय ने कई मामले राज्य के गृह विभाग को भेजे हैं। बड़े मामलों में भी कानून अपना काम करता है। सीपीआई (एम) बेबुनियाद आरोप लगा रही है। हम कानूनी जांच करेंगे और कानूनी तौर पर आगे बढ़ेंगे। प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की है। जब प्रवर्तन निदेशालय ने राहुल गांधी से पूछताछ की थी, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला नहीं किया था। सरकार कानून के मुताबिक काम करेगी। केंद्र सरकार के पत्र पर राज्य सरकार कानूनी तौर पर ही कार्रवाई कर सकती है।"

'जांच में आया अहम मोड़'
सतीसन की टिप्पणी केरल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष सनी जोसेफ के 20 अगस्त के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय की हालिया जानकारी को 'अहम मोड़' बताया था। जोसेफ ने सीपीआई (एम) से कहा था कि वह पूर्व मुख्यमंत्री विजयन की बेटी वीना पर लगे आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताकर खारिज करने के बजाय तथ्यों के साथ उनका जवाब दे। कल इस मामले से जुड़ी घटनाओं में एक अहम मोड़ आया। सभी ने प्रवर्तन निदेशालय की प्रेस विज्ञप्ति देखी है। इसमें ऐसी जानकारी है, जो आरोपों की पुष्टि करती है और अब तक की जांच के नतीजों को मजबूत करती है।"

'जांच से सरकार या पार्टी का लेना-देना नहीं'
जोसेफ ने कहा कि राज्य सरकार और उनकी पार्टी दोनों ही इस मामले को लेकर राजनीतिक रूप से चर्चा में हैं, लेकिन जांच केंद्रीय एजेंसियों द्वारा स्वतंत्र रूप से की जा रही है। इस जांच से न तो केरल सरकार का और न ही कांग्रेस पार्टी का कोई लेना-देना है। यह केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है और जांच पहले ही शुरू हो चुकी थी। ये गंभीर आरोप हैं, जिन्हें केरल की मीडिया और लोगों के बीच पहले ही बड़े पैमाने पर उठाया जा चुका है। कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ने देना चाहिए और सीपीआई (एम) को भी इन आरोपों पर भरोसेमंद तथा तथ्यों पर आधारित जवाब देना चाहिए।

'केरल में नहीं चलेगी प्रवर्तन निदेशालय की कहानी'
इसके जवाब में सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने प्रवर्तन निदेशालय पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी जानबूझकर पिनाराई विजयन और पी.ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ झूठे आरोपों की कहानी गढ़ने की कोशिश कर रही है। पत्रकारों से बातचीत में गोविंदन ने केंद्रीय एजेंसी की हालिया कार्रवाई को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे मनगढ़ंत दावों का केरल में कोई असर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय पिनाराई विजयन और पी.ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ झूठी कहानियां गढ़ने की कोशिश कर रहा है। इनमें से कोई भी मनगढ़ंत कहानी केरल में काम नहीं आएगी। हमें नहीं पता कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाएगी। 


ये भी पढ़ें: कांग्रेस: यूएस नागरिक पर नहीं लगा यूएपीए; जयराम रमेश केंद्र पर हमलावर, पूछा- किसके दबाव में झुकी मोदी सरकार?

अब जांच के अगले कदम पर टिकी निगाहें
सीएमआरएल मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई, कथित वित्तीय लेन-देन, गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय की जांच और प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने को लेकर भेजे गए पत्र ने केरल में राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। एक ओर सीपीआई (एम) इसे राजनीतिक निशाना बनाने की कार्रवाई बता रही है और दूसरे लेन-देन की जांच पर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस मामले को गंभीर आरोपों से जुड़ा बताते हुए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कह रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार प्रवर्तन निदेशालय के पत्र पर क्या कानूनी कदम उठाती है और जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed