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ईडी के रडार पर चुनाव आयुक्त अशोक लवासा के बेटे और उनसे जुड़ी कंपनी
Wed, 13 Nov 2019 12:05 AM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 13 Nov 2019 12:05 AM IST
सार
- 7.25 करोड़ का लेनदेन जांच के दायरे में, पत्नी से भी पूछताछ कर रहा आयकर विभाग
- लवासा की कंपनी में आया पैसा जांच के दायरे में, हाल ही में लवासा से हुई थी पूछताछ
- ईडी ने अबीर व नौरिश ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दर्ज की एफआईआर
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अशोक लवासा (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
चुनाव आयुक्त अशोक लवासा के बेटे अबीर और उनसे संबद्ध कंपनी कथित रूप से विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के उल्लंघन के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निशाने पर हैं। एजेंसी ने अबीर लवासा और नौरिश ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लि. द्वारा इस साल प्राप्त 7.25 करोड़ रुपये की जांच के लिए दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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अधिकारियों ने बताया कि इस जांच का मकसद यह है कि क्या यह फंड मॉरिशस की कंपनी समा कैपिटल से लाने के लिए फेमा कानून का उल्लंघन किया गया। बताया जाता है कि अबीर लवासा इस कंपनी के निदेशक हैं। अधिकारियों ने बताया कि लवासा की कंपनी में आया पैसा जांच के दायरे में है और हाल ही में एजेंसी ने लवासा से इस लेनदेन के बारे में पूछताछ की थी। इस मामले में पूछताछ के लिए कुछ और लोगों को समन भेजा गया है।
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उल्लेखनीय है कि कुछ माह पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा के परिवार की मुश्किलें उस वक्त शुरू हुईं, जब उनकी पत्नी नोवेल सिंघल लवासा कर चोरी के आरोप में आयकर विभाग के निशाने पर आई थीं। नोवेल को आयकर विभाग ने नोटिस जारी कर उनके दस कंपनियों में निदेशक रहने को लेकर आयकर रिटर्न से संबंधित स्पष्टीकरण मांगा था। उनसे शुरुआती पूछताछ के बाद और दस्तावेज जमा कराने को कहा गया था।
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चुनाव आचार संहिता पर मतभेद से सुर्खियों में आए थे अशोक लवासा
अशोक लवासा को पिछले साल केंद्रीय वित्त सचिव के पद से रिटायर होने के बाद चुनाव आयुक्त बनाया गया था। दरअसल मई में संपन्न आम चुनाव के दौरान आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू करने को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और अन्य आयुक्त सुशील चंद्र से मतभेद के बाद वह सुर्खियों में आए थे।