फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ED: Immovable property worth Rs 50 lakh of former EPFO enforcement officer attached Know all about it

ED: EPFO के पूर्व प्रवर्तन अधिकारी की 50.80 लाख की अचल संपत्ति कुर्क, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला

Wed, 09 Jul 2025 06:29 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 09 Jul 2025 06:29 PM IST
सार

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में प्रवर्तन अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, श्यामलाल अखंड ने 2009 से 2019 की जांच अवधि के दौरान अपनी ज्ञात वैध आय से कहीं अधिक अवैध रूप से संपत्ति जमा करने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया।

विज्ञापन
ED: Immovable property worth Rs 50 lakh of former EPFO enforcement officer attached Know all about it
ED - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पूर्व प्रवर्तन अधिकारी श्यामलाल अखंड द्वारा आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 50.80 लाख रुपये की अचल संपत्ति को अनंतिम रूप से कुर्क किया है। जांच एजेंसी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में ग्राम नलवा, जिला उज्जैन में स्थित एक कृषि भूमि, जो उनकी पत्नी और पुत्र के नाम पर संयुक्त रूप से पंजीकृत है और एमराल्ड सिटी, ग्राम जख्या, तहसील सांवेर, जिला इंदौर स्थित एक आवासीय भूखंड शामिल है, जो उक्त अधिकारी के नाम पर पंजीकृत है। 

विज्ञापन


कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में प्रवर्तन अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, श्यामलाल अखंड ने 2009 से 2019 की जांच अवधि के दौरान अपनी ज्ञात वैध आय से कहीं अधिक अवैध रूप से संपत्ति जमा करने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। जांच से पता चला कि वह रिश्वत मांगने और स्वीकार करने सहित भ्रष्ट आचरण में लिप्त था। उसने अपराध की आय का उपयोग अपने नाम पर और अपनी पत्नी और बेटे के नाम पर अचल संपत्तियां अर्जित करने के लिए किया। 
विज्ञापन


धन के स्रोत की व्याख्या करने के लिए, अखंड ने अपने वेतन, किराये की कमाई, कृषि आय और अपनी पत्नी के कढ़ाई और सिलाई व्यवसाय से आय का दावा किया। हालांकि, वह अपनी पत्नी की कथित व्यावसायिक गतिविधियों के अस्तित्व या कमाई को प्रमाणित करने के लिए कोई दस्तावेजी सबूत पेश करने में विफल रहा। इसके अतिरिक्त, कई पारिवारिक बैंक खातों में महत्वपूर्ण नकदी जमा देखी गई। ईडी ने श्यामलाल अखंड के खिलाफ सीबीआई, एसीबी, भोपाल द्वारा दर्ज दो एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। एक एफआईआर रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के लिए व दूसरी एफआईआर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के लिए की गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed