{"_id":"5c881008bdec2214743f349f","slug":"ed-has-attached-assets-of-worth-rs-37-crore-in-coal-scam","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोयला घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने अटैच की 36.85 करोड़ की संपत्ति","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोयला घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने अटैच की 36.85 करोड़ की संपत्ति
Wed, 13 Mar 2019 01:31 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Wed, 13 Mar 2019 01:31 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने मध्य प्रदेश की एक कंपनी की 36.85 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर ली है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से मंगलवार को बताया गया कि कमाल स्पांज एंड स्टील पावर लिमिटेड (केएसएसपीएल) व इसके निदेशक पवन कुमार आहलूवालिया की संपत्ति अटैच करने के बारे में सोमवार को एक प्रॉविजनल ऑर्डर जारी किया गया था।
विज्ञापन
मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत की जा रही इस कार्रवाई में कंपनी व आहलूवालिया की राजस्थान के जयपुर और मध्य प्रदेश के सतना स्थित जमीन, प्लांट, मशीनरी, ऑफिस और फैक्ट्री बिल्डिंग आदि संपत्तियों को अटैच किया गया है। ईडी के मुताबिक, कंपनी ने अपनी नेट वर्थ और उत्पादन क्षमता के झूठे कागजात लगाकर कोयला मंत्रालय से थेसगोरा-बी/रूद्रापुरी में कोल ब्लॉक हासिल किए और बाद में अपेक्षित कागजात जमा नहीं कराए।
विज्ञापन
कंपनी ने रिश्वतखोरी के जरिए 900 रुपये प्रति शेयर के बेहद ऊंचे प्रीमियम पर अपना शेयर इश्यू जारी कराकर गलत तरीके से 69.02 करोड़ रुपये कमाए थे, जबकि उसकी नेट वर्थ उस समय बेहद कम थी। बाद में कंपनी ने 36.85 करोड़ रुपये के शेयर अपने निवेशकों को अलॉट ही नहीं किए और न ही उन्हें इस पैसे का रिफंड ही दिया। इसी मामले की जांच ईडी कर रही है। ईडी के मुताबिक, कंपनी की करीब 32.17 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले भी अटैच की जा चुकी है और चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।
विज्ञापन
सीबीआई जांच में अदालत ठहरा चुकी है दोषी
बता दें कि दिल्ली में कोयला घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत पहले ही आपराधिक मामले में सीबीआई जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर केएसएसपीएल, आहलूवालिया और तीन सरकारी अधिकारियों को दोषी ठहरा चुकी है।