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ED: प्रतिमाह 20% रिटर्न देने का वादा, निवेश योजना से जनता को लगाया 9.33 करोड़ रुपये से अधिक का चूना
Fri, 03 Oct 2025 03:24 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 03 Oct 2025 03:24 PM IST
सार
ईडी ने गोवा में गोहिल जयकुमार और अन्य संबद्ध व्यक्तियों से संबंधित 61.53 लाख रुपये (लगभग) मूल्य की 2 आवासीय फ्लैट, सावधि जमा और इक्विटी शेयरों के रूप में चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।
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ED
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), पणजी क्षेत्रीय कार्यालय ने मेसर्स रंगगीता एंटरप्राइजेज मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गोहिल जयकुमार और अन्य संबद्ध व्यक्तियों से संबंधित 61.53 लाख रुपये (लगभग) मूल्य की 2 आवासीय फ्लैट, सावधि जमा और इक्विटी शेयरों के रूप में चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह वो मामला है, जिसमें आरोपियों ने जनता से 20 प्रतिशत हर माह रिटर्न देने का झूठा वादा किया था। धोखाधड़ी वाली निवेश योजना से जनता को 9.33 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया गया।
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ईडी ने गोवा पुलिस के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा गोहिल जयकुमार और अन्य के खिलाफ आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर इस केस की जांच शुरू की थी। एफआईआर और आरोप पत्र के अनुसार, गोहिल जयकुमार और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी वाली निवेश योजनाओं को अंजाम दिया, जिसके माध्यम से जनता को 9.33 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया गया।
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ईडी की जांच से पता चला है कि गोहिल जयकुमार, गोवा और गुजरात में विभिन्न कार्यालयों वाली अपंजीकृत इकाई मेसर्स रंगगीता एंटरप्राइजेज के माध्यम से काम कर रहे थे। वे लोगों से 20% प्रतिमाह तक के अत्यधिक और अवास्तविक रिटर्न का वादा करके सार्वजनिक निवेश की मांग कर रहे थे। निवेशक, इस धन को सीधे गोहिल जयकुमार और उनके एजेंटों के व्यक्तिगत बैंक खातों में एकत्र कर रहे थे।
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यह योजना एक पोंजी संरचना के रूप में काम करती थी। बाद में अप्रैल-मई 2022 में ध्वस्त हो गई, जब निकासी का बहिर्वाह नए प्रवाह से अधिक हो गया। जांच में पता चला है कि अपराध की आय (पीओसी) को किसी भी वैध व्यवसाय में नहीं लगाया गया था। आरोपियों ने व्यक्तिगत संवर्धन के लिए उस आय का गबन किया गया था। उसमें अचल संपत्तियों की खरीद, व्यक्तिगत निवेश, एक असाधारण जीवन शैली का वित्तपोषण और अन्य व्यक्तिगत खर्चों को पूरा करना शामिल था।