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Land For Job Scam: लालू के सहयोगी को ईडी ने हिरासत में लिया, नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में कार्रवाई
Sat, 11 Nov 2023 05:11 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Sat, 11 Nov 2023 05:11 AM IST
सार
ईडी के अनुसार, अमित कात्याल आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के करीबी सहयोगी होने के साथ-साथ मामले में लाभार्थी एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक भी हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत राजद प्रमुख लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी यादव के कथित सहयोगी अमित कात्याल को हिरासत में लिया। ईडी का दावा है कि कात्याल करीब दो महीने से पूछताछ के लिए एजेंसी के समन से बच रहे हैं। ईडी के अधिकारियों ने उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत शुक्रवार को दिल्ली से हिरासत में लिया।
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ईडी ने इसी साल मार्च में लालू प्रसाद, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, उनकी बहनों और अन्य के परिसरों के साथ-साथ कात्याल के परिसरों पर भी छापा मारा था। ईडी के अनुसार, कात्याल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू के करीबी सहयोगी होने के साथ मामले में लाभार्थी एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक भी हैं। यह कंपनी दक्षिणी दिल्ली में न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के एक पते पर रजिस्टर्ड है। लालू के परिवार द्वारा इस आवासीय इमारत का इस्तेमाल किया जा रहा था।
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क्या है नौकरी के बदले जमीन घोटाला
नौकरी के बदले जमीन लेने का कथित घोटाला कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल में हुआ था, जब लालू प्रसाद रेल मंत्री थे। आरोप है कि 2004 से 2009 तक भारतीय रेलवे के विभिन्न मंडलों में समूह 'डी' पदों पर कई लोगों को नियुक्त किया गया था। इन लोगों ने बदले में अपनी जमीन तत्कालीन रेल मंत्री लालू के परिवार के सदस्यों और एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम कर दी थी।
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गई एक शिकायत के आधार पर ईडी ने इस मामले में पीएमएलए की आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। सीबीआई के अनुसार, रेलवे में भर्ती के लिए कोई विज्ञापन या सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की गई थी। इसके बाद भी पटना के रहने वाले कुछ लोगों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में विभिन्न जोनल रेलवे में प्रतिस्थानिक के तौर पर नियुक्त किया गया था। बदले में उम्मीदवारों ने सीधे या अपने परिवार के सदस्यों के जरिये कथित रूप से लालू परिवार के सदस्यों को बेहद रियायती दरों पर जमीन बेची थी।