आईएनएक्स मीडिया केसः ईडी का आरोप, हिरासत में रहते हुए भी गवाहों से संपर्क में हैं चिदंबरम
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ईडी ने आरोप लगाया है कि आईएनएक्स मीडिया मामले में आरोपी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी. चिदंबरम हिरासत में रहते हुए भी गवाहों से संपर्क साधे हुए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि जांच में उनके मनी लान्ड्रिंग में शामिल होने के स्पष्ट सबूत मिले हैं।
ईडी ने शीर्ष अदालत में दाखिल हलफनामे में आरोप लगाया कि चिदंबरम सबूतों को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। हलफनामे में कहा गया कि चिदंबरम के हिरासत में रहने के दौरान ईडी ने तीन लोगों को तलब किया था। इनमें से दो लोग नहीं आए और तीसरे ने चिदंबरम का सामना करने से इनकार कर दिया। तीसरे गवाह ने पेश होने के गंभीर परिणाम भुगतने का अंदेशा लिखित तौर पर जताया था।
ईडी ने कहा कि चिदंबरम द्वारा यह दावा करना बेहद आश्चर्यजनक है कि किसी ने उनके खिलाफ एक शब्द नहीं बोला है। ऐसे बयान से स्पष्ट है कि वह अन्य लोगों के संपर्क में हैं। ईडी ने कहा कि अभी जांच अहम चरण पर है और चिदंबरम को महज इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती है कि वह केंद्रीय वित्त मंत्री रह चुके हैं या दूसरे आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। सुप्रीम कोर्ट बुधवार को इस हलफनामे पर गौर करेगा।
चिदंबरम ने दी हुई हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती
बता दें कि चिदंबरम ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उन पर लगे आरोप गंभीर हैं और प्रथम दृष्टया आईएनएक्स मीडिया घोटाले में उनकी अहम व सक्रिय भूमिका नजर आती है। हाईकोर्ट के जस्टिस सुरेश कैत ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि अगर इस तरह के आरोपी को रियायत दी गई तो इससे गलत संदेश जाएगा।
21 अगस्त से हिरासत में हैं पूर्व वित्त मंत्री
चिदंबरम फिलहाल मनी लान्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। चिदंबरम को सीबीआई ने विदेशी निवेश में अनियमितता बरतने के आरोप में गत 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था। इस मामले में उन्हें 22 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। लेकिन इससे पहले ही 16 अक्तूबर को ईडी ने भी उन्हें गिरफ्तार घोषित कर दिया था, इसके चलते वह जमानत पर जेल से बाहर नहीं आ सके थे।