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ईडी की कार्रवाई: कोलकाता की कंपनी की 42 करोड़ की संपत्तियां जब्त, बैंक कर्ज धोखाधड़ी का मामला
Mon, 22 Nov 2021 07:21 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 22 Nov 2021 07:21 PM IST
सार
बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में कार्रवाई करते हुए ईडी ने कोलकाता की एक कंपनी की करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त कर ली हैं।
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- फोटो : ANI
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के संबंध में कोलकाता की एक कंपनी की 42 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की संपत्तियां जब्त की हैं। एजेंसी ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत श्री महालक्ष्मी कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड की 11 संपत्तियों को जब्त करने का अनंतिम आदेश जारी किया गया था। ईडी के अनुसार जब्त की गई संपत्तियों की कुल कीमत 42.36 करोड़ रुपये है।
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एजेंसी ने कहा कि जांच में सामने आया कि भारतीय स्टेट बैंक से लिया गया 164 करोड़ रुपये के कर्ज की राशि को विभिन्न संस्थाओं द्वारा बनाए गए बैंक खातों के बीच घुमाने और उन्हें वास्तविक व्यावसायिक लेनदेन के रूप में दिखाने के बाद डायवर्ट किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय ने एक बयान में कहा कि जांच में यह पाया गया कि कुछ कंपनियों के नाम पर विभिन्न लेटर्स ऑफ क्रेडिट (एलसी) खोले गए थे और इन्हीं कंपनियों को फर्जी इन्वॉइस, चालान आदि के आधार पर छूट दी गई थी।
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मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला साल सीबीआई की ओर से कंपनी के खिलाफ दर्ज 2017 की एक एफआईआर और आरोपपत्र (2019) पर आधारित है। यह मामला कंपनी, इसके निदेशक और कुछ अन्य के खिलाफ दर्ज है। आरोप है कि इन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 164 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ धोखाधड़ी की और जिस उद्देश्य के लिए उन्हें यह कर्ज की राशि जारी की गई थी, उसके स्थान पर इस राशि का इस्तेमाल अन्य कार्यों के लिए किया।
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ईपीएफओ के सेवानिवृत्त अधिकारी की एक करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
दूसरी ओर, पेंशनभोगियों के फंड में फर्जीवाड़े के एक मामले में ईडी ने सोमवार को एक सेवानिवृत्त ईपीएफओ की 1.13 करोड़ रुपये की संपत्तियां अनंतिम रूप से जब्त कर ली हैं। ये संपत्तियां ईपीएफओ के सेवानिवृत्त अधिकारी कोंडापल्ली सत्यनारायण राव और उनके परिवार के सदस्यों की हैं। ईडी ने बताया कि यह कार्रवाई पीएमएलए के तहत की गई है।