ED: अवैध माइनिंग करने वालों की 25.16 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त, भूस्खलन में मारे गए थे पांच लोग
ईडी की जांच से पता चला कि अवैध और अवैज्ञानिक खनन से आरोपी व्यक्तियों ने 71.32 करोड़ रुपये की अपराध आय (पीओसी) अर्जित की है। इसका इस्तेमाल चल और अचल संपत्तियों की खरीद और अधिग्रहण में किया गया। जांच के दौरान, 71.32 करोड़ रुपये की उपरोक्त मात्रा वाली पीओसी में से 25.16 करोड़ रुपये की पहचान की गई। आरोपियों की संपत्ति जब्त कर ली गई है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), के नई दिल्ली स्थित हेडक्वार्टर ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत अवैध माइनिंग करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यह मामला हरियाणा के भिवानी जिले का है। जांच एजेंसी ने मेसर्स सुंदर मार्केटिंग एसोसिएट्स, रमन सोखल, सतबीर छिकारा और अन्य के मामले में 25.16 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अनंतिम रूप से कुर्क की हैं। इसमें जब्त नकदी, कृषि भूमि, आवासीय भूखंड, आवासीय घर, फ्लैट और वाणिज्यिक कार्यालय के रूप में चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं। अवैध माइनिंग के चलते भूस्खलन में पांच लोग मारे गए थे।
ईडी ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) द्वारा पर्यावरण संरक्षण (ईपी) अधिनियम, 1986 के तहत मेसर्स गोवर्धन माइंस एंड मिनरल्स (जीएमएम) और अन्य के खिलाफ दायर अभियोजन शिकायत (पीसी) के आधार पर मामले की जांच प्रारंभ की थी। बाद में ईडी जांच के आधार पर मेसर्स सुंदर मार्केटिंग एसोसिएट्स (एसएमए), इसके साझेदारों नवीन गोयल और रमन सोखल और अन्य के खिलाफ आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
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ईडी की जांच में पता चला है कि रमन सोखल, विनोद सोखल, सतबीर सिंह छिकारा ने अपने निकट सहयोगियों के साथ मिलीभगत करके मेसर्स सुंदर मार्केटिंग एसोसिएट्स का गठन किया। वर्ष 2015 में 'पत्थर और संबंधित लघु खनिज' के खनन के लिए हरियाणा के भिवानी जिले के तोशाम गांव में स्थित 'दादम हिल' का खनन पट्टा प्राप्त किया। आरोपियों ने खनन क्षेत्र से बाहर अवैध और अवैज्ञानिक तरीके से खनन कर गलत तरीके से धन अर्जित किया। ईडी के मुताबिक, इससे सरकारी राजकोष को बड़ा नुकसान हुआ। यहां यह उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन के कारण भूस्खलन हुआ, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई थी।
इससे पहले, ईडी ने अपराध की आय का पता लगाने और उसे जब्त करने के लिए आरोपियों के ठिकानों की तलाशी ली थी। इसके परिणामस्वरूप 4.81 करोड़ रुपये की नकदी, बैंक बैलेंस, आभूषण, लग्जरी कारें आदि सहित आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए। गोवर्धन माइंस एंड मिनरल्स के संचालक को ईडी ने 30 मई 2024 को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। उनकी नियमित जमानत को एलडी स्पेशल कोर्ट, साकेत ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि प्रथम दृष्टया यह मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। फिलहाल वह मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत पर हैं।
ईडी की जांच से पता चला है कि अवैध और अवैज्ञानिक खनन से आरोपी व्यक्तियों ने 71.32 करोड़ रुपये की अपराध आय (पीओसी) अर्जित की है। इसका इस्तेमाल चल और अचल संपत्तियों की खरीद और अधिग्रहण में किया गया। जांच के दौरान, 71.32 करोड़ रुपये की उपरोक्त मात्रा वाली पीओसी में से 25.16 करोड़ रुपये की पहचान की गई। आरोपियों की संपत्ति जब्त कर ली गई है।
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