ED: रोबोट/एआई-बॉट से विदेशी मुद्रा व्यापार, 5-6% मासिक रिटर्न का वादा, ठगी करने वाला 'नवाब' अब हुआ गिरफ्तार
ईडी ने आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और असम में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर उक्त मामले की जांच शुरू की थी। इसके बाद ईडी ने अपराध की आय जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले यूपी स्थित एजेंट 'नवाब' हसन को पीएमएलए, 2002 के तहत गिरफ्तार किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), चंडीगढ़ जोनल कार्यालय ने निर्दोष लोगों को गुमराह करने और क्यूएफएक्स/वाईएफएक्स/बॉटब्रो/बॉटअल्फा/क्रॉसएप्ला/माइनक्रिप्टो घोटाले के माध्यम से अपराध की आय जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले यूपी स्थित एजेंट 'नवाब' हसन को पीएमएलए, 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। न्यायालय ने आरोपी को 9 दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेजा है। ईडी ने आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और असम में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर उक्त मामले की जांच शुरू की थी।
ईडी के मुताबिक, यह पिरामिड घोटाला कई राज्यों में फैला है। रोबोट/एआई-बॉट आधारित विदेशी मुद्रा व्यापार के माध्यम से 5-6% के उच्च मासिक रिटर्न का वादा करके, आरोपी धन इकट्ठा करने के लिए भुगतान एग्रीगेटर और यूएसडीटी जैसी आभासी मुद्राओं का उपयोग कर रहे हैं। एक बार निवेश करने के बाद, पहचान पत्र नष्ट कर दिए जाते हैं। कुछ महीनों के बाद भुगतान रोक दिया जाता है। निवेश से उत्पन्न पीओसी को मुख्य आरोपी के करीबी सहयोगियों के नाम पर संपत्ति खरीदने और विलासिता खर्च के लिए संयुक्त अरब अमीरात में भेज दिया जाता है।
ईडी की जांच से पता चला है कि नवाब 'ब्लू डायमंड एक्जीक्यूटिव' के पद पर एक वरिष्ठ फील्ड लीडर के रूप में काम करता था। उसने अपने अधीन 10,000 से ज़्यादा निवेशकों का आधार तैयार किया था। वह पहले पेमेंट एग्रीगेटर्स और बाद में यूएसडीटी के जरिए नकदी इकट्ठा कर उसे निवेश करता था। साथ ही दुबई स्थित मास्टरमाइंड - लविश चौधरी, जिसे नवाब के नाम से भी जाना जाता है, उसके साथियों के साथ समन्वय करता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि प्लेटफ़ॉर्म पर कभी कोई वास्तविक विदेशी मुद्रा व्यापार नहीं हुआ। निवेशक डैशबोर्ड में नाममात्र शेष राशि दिखाई देती थी, जबकि नए संग्रह का उपयोग लंबित भुगतानों के लिए किया जाता था।
वह फरार मास्टरमाइंड लविश चौधरी से मिलने के लिए अक्सर यूएई जाता रहा है। अब वह फिर से दुबई जाने की योजना बना रहा था। नए निवेशकों में विश्वास जगाने के लिए उसने लविश चौधरी के साथ जूम कॉल मीटिंग में भी हिस्सा लिया। इससे पहले, शामली स्थित उसके घर की तलाशी में आम निवेशकों से धोखाधड़ी करके अर्जित 94.23 लाख रुपये की आपराधिक आय (पीओसी) बरामद हुई थी। ईडी की यह कार्रवाई क्यूएफएक्स घोटाले में शामिल संचालकों पर किए गए एक्शन के बाद हुई है।
ईडी द्वारा हाल ही में 17.09.2025 को गिरफ्तार किए गए शीर्ष एजेंट हरिंदर पाल सिंह पिछले 8 दिनों से ईडी की हिरासत में हैं, जिन्होंने कई खुलासे किए हैं। उसने नवाब की पहचान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख एजेंट के रूप में की, जो वर्तमान में इस क्षेत्र में सक्रिय है। 26.08.2025 को जारी 9.49 करोड़ रुपये के एक हालिया अनंतिम कुर्की आदेश के तहत आरोपी, उसके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों द्वारा अर्जित 45 अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। 11.02.2025 और 04.07.2025 को की गई तलाशी में 185 बैंक खातों को जब्त या कुर्क किया गया, जिनमें 1.5 करोड़ रुपये थे।
विभिन्न शेल संस्थाओं, अर्थात मेसर्स क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड, मेसर्स एनपे बॉक्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स कैप्टर मनी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स रेनेट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स किंडेंट बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स मूल बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स टाइगर डिजिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, आदि में 391 करोड़ रुपये की आपराधिक आय का पता चला है। पीएमएलए, 2002 की धारा 19(1) के तहत यह गिरफ्तारी, पूर्ण पीओसी ट्रेल का पता लगाने, शेष लाभार्थियों और घरेलू स्तर पर और दुबई से संचालित मोर्चों की पहचान करने, आगे की लेयरिंग को रोकने और पीओसी को सुरक्षित करने के लिए चल रही वित्तीय कार्रवाई को आगे बढ़ाती है।