फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   EC to visit Lucknow to review election preparedness amid Covid up election 2022 does the commission have the right to postpone the election under what conditions this decision can be taken

चुनाव आयोग का यूपी दौरा: क्या आयोग को चुनाव टालने का अधिकार है, किन हालात में लिया जा सकता है यह फैसला

Tue, 28 Dec 2021 06:11 PM IST
प्रतिभा ज्योति प्रतिभा ज्योति, अमर उजाला, नई दिल्ली।
प्रतिभा ज्योति, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Tue, 28 Dec 2021 06:11 PM IST
विज्ञापन
सार
चुनाव से पहले चुनाव आयोग के मुख्य महत्वपूर्ण कार्यों में केंद्र और सभी हितधारकों से परामर्श करना और समय पर चुनाव कराने के लिए चुनाव कार्यक्रम की योजना बनाना है।
loader
EC to visit Lucknow to review election preparedness amid Covid up election 2022 does the commission have the right to postpone the election under what conditions this decision can be taken
चुनाव आयोग (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

कोरोना काल में चुनाव कराएं जाएं या टाले जाएं, इस पर यूपी के सियासी दलों की राय जानने के लिए चुनाव आयोग की टीम तीन दिनों के दौरे पर लखनऊ पहुंच गई है। चुनाव आयोग का उत्तरप्रदेश दौरा मंगलवार से से शुरू हुआ है। राजनीतिक दलों से चुनाव आयोग कोरोना संक्रमण की ताजा स्थिति, इस दौरान चुनाव कराने के खतरे,  संक्रमण नियंत्रित होने पर चुनाव करवाने जैसे अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेगा।


राजनीतिक दलों से बैठक होने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में चुनाव व्यवस्था संभालने वाले नोडल अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से बातचीत होगी। दौरे के आखरी दिन टीम राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ चर्चा करेगी। आयोग का यह दौरा कोरोना के ऑमिक्रॉन वैरिएंट को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस सलाह के बाद हुआ है जिसमें कोर्ट ने यूपी चुनाव टालने और और चुनावी रैलियों पर बैन लगाने की बात कही है।


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह चुनाव आयोग को यह सलाह दी थी। जिसके बाद चुनाव आयोग ने यूपी का दौरा करके हालात को समझने के बाद इस पर कदम उठाने की बात कही थी।  हालांकि राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच भी चुनाव आयोग की तरफ से यह संकेत मिल रहे हैं कि आयोग यूपी समेत पांच राज्यों में चुनाव टालने के मूड में नहीं है। आयोग ने चुनाव वाले राज्यों को टेस्टिंग और वैक्सीनेशन बढ़ाने को कहा है। 
 

चुनाव आयोग को मद्रास हाईकोर्ट की फटकार
चुनाव आयोग को मद्रास हाईकोर्ट की फटकार - फोटो : ANi
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि किन परिस्थितियों में आयोग चुनाव को टाल सकता है? 

चुनाव आयोग असाधारण परिस्थितियों में ही चुनाव टालने का फैसला कर सकता है। 

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 153 और संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत आयोग चुनाव आगे बढ़ा सकता है।

बशर्ते यह छह महीने से अधिक न हो। इस परिस्थिति में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।

उदाहरण के लिए, यदि चुनाव आयोग महामारी के कारण यूपी समेत पांच राज्यों में चुनाव स्थगित करना चाहता है, तो वह अनुच्छेद 324 के तहत अपनी शक्तियों के माध्यम से ऐसा कर सकता है। 

हालांकि,  अनुच्छेद 172(1) में कहा गया है कि आपातकाल की स्थिति में  चुनाव को एक वर्ष के लिए भी स्थगित किया जा सकता है और आपातकाल हटने के बाद इसे छह महीने की अवधि तक बढ़ाया जा सकता है।
 

चुनाव आयोग
चुनाव आयोग - फोटो : social media
असाधारण परिस्थितियां जैसे प्राकृतिक आपदाएं, कानून और व्यवस्था की स्थिति खराब होने या अन्य अप्रत्याशित परिस्थिति जिसमें हालात चुनाव आयोग के नियंत्रण से बाहर है, यह भी चुनाव के टलने के कारण हो सकते हैं।

किन्हीं आपात या विशेष स्थिति की वजह से यदि चुनाव आयोग चुनाव कराने में असमर्थ है तो इस बारे में सरकार को सूचित करना होगा।  उसके बाद  सरकार तय करेगी कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए या नहीं।

क्या कभी चुनाव टले हैं
1991 के संसदीय चुनाव के समय ऐसा हो चुका है। तमिलनाडु में चुनाव अभियान के दौरान तत्कालीन प्रधान मंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद चुनाव आयोग ने संसदीय चुनावों के दो दौर को तीन सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया था। कोरोना महामरी के कारण मार्च 2020 में 18 राज्यसभा सीटों के चुनाव भी स्थगित कर दिए गए थे।
 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। - फोटो : ANI
चुनाव आयोग क्या रैलियों पर प्रतिबंध लगा सकता है?
एक पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक कोरोना के बढ़ते मामलों और संक्रमण बेकाबू हो जाने की आशंका के कारण चुनाव आयोग चाहे तो रैलियों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसकी जगह आभासी अभियानों जैसे प्रचार के वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल किया जा सकता था। इससे संक्रमण रोकने में बड़ी मदद मिल सकती है।

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में अंतिम तीन चरणों के चुनावों में सभी रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने 15 अप्रैल, 2021 को ट्वीट कर इसे समझदारी भरा फैसला बताया था। कुरैशी ने कहा था हर कीमत पर जान बचाना सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

पश्चिम बंगाल में आयोग ने क्या किया था? 
पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान कोरोना बचाव नियमों के उल्लंघन को देखते हुए चुनाव आयोग ने तत्काल प्रभाव से रोड शो और वाहन रैलियों के आयोजन पर रोक लगा दी थी। चुनाव आयोग ने कोरोना प्रोटोकॉल फॉलो करने की जिम्मेदारी राजनीतिक पार्टी और उम्मीदवार पर डाल दी थी और साफ चेतावनी दी थी कि अगर ऐसा नहीं होता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रैलियों में सभी लोग मास्क लगाएं, ये जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। नेता और स्टार प्रचारकों को हर हाल में कोविड प्रोटोकॉल को फॉलो करना होगा।

दक्षिण कोरिया
दक्षिण कोरिया
कुछ इसी तरह का फैसला ले सकता है आयोग
चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हो सकता है पांच राज्यों के चुनाव में भी आयोग कुछ ऐसे ही फैसले लेकर चुनाव कराने के लिए आगे बढ़ सकता है। कुछ विशेषज्ञों का भी मानना है कि महामारी का असर कम से कम दो साल तक रहेगा,  इसलिए चुनाव को इतनी लंबी अवधि के लिए टालना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ होगा।

दक्षिण कोरिया का उदाहरण देखा जा सकता है
पांच राज्यों में चुनाव करान के लिए आयोग दक्षिण कोरिया जैसे सफल उदाहरणों को ध्यान में रख सकता है जिसने अप्रैल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान ही चुनाव कराने के लिए एक उचित योजना तैयार करने के लिए कई उपाय किए।

दक्षिण कोरिया ने मतदान केंद्रों को कीटाणुरहित करके, मतदाताओं के बीच शारीरिक दूरी बनाकर , दस्ताने और मास्क पहनने और हाथ को साफ करने के अनिवार्य नियम बनाकर चुनाव संपन्न कराए। मतदान बूथों पर पहुंचने पर मतदाताओं ने अपना तापमान चेक किया। जिनका तापमान 99.5 डिग्री फ़ारेनहाइट से ऊपर था, उन्हें सुनसान इलाकों के बूथों पर भेजा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed