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EC: तुलसी गबार्ड की दलील को चुनाव आयोग ने नकारा, कहा- कैलकुलेटर की तरह इंटरनेट से नहीं जोड़ा जा सकता है EVM

Fri, 11 Apr 2025 11:10 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 11 Apr 2025 11:10 PM IST
सार

अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड की तरफ से ईवीएम को लेकर दिए बयान को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है। उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग ने कहा- ईवीएम को कैलकुलेटर की तरह इंटरनेट से नहीं जोड़ा जा सकता है।

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EC rejected Tulsi Gabbard's argument of EVM tampering, it can't be connected to the internet like a calculator
चुनाव आयोग - फोटो : ANI

विस्तार

चुनाव आयोग ने अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के उस बयान को खारिज कर दिया है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को असुरक्षित बताया गया है। आयोग ने कहा कि देश में इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम साधारण कैलकुलेटर की तरह काम करती हैं, जो इंटरनेट या इंफ्रारेड से जुड़ी नहीं होती हैं।
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तुलसी गबार्ड के बयान पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
वोटों में हेराफेरी करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम को हैक करने के तुलसी गबार्ड के बयान का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि कुछ देश इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम का उपयोग करते हैं जो इंटरनेट समेत कई निजी नेटवर्क और कई प्रणालियों, मशीनों और प्रक्रियाओं का मिश्रण है। वहीं, भारत में इस्तेमाल ईवीएम को इंटरनेट, वाईफाई या इंफ्रारेड से नहीं जोड़ा जा सकता है।
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EVM की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई कानूनी जांच
सूत्रों ने कहा कि ईवीएम की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कानूनी जांच की गई है। राजनीतिक दलों की ओर से भी चुनाव के कई चरणों इनकी जांच की जाती है, जिसमें मतदान शुरू होने से पहले मॉक पोल आयोजित करना शामिल है। आयोग के सूत्रों ने यह भी बताया कि राजनीतिक दलों के सामने मतगणना करते समय पांच करोड़ से अधिक पेपर ट्रेल मशीन (वीवीपैट) पर्चियों का सत्यापन और मिलान किया गया है।

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तुलसी गबार्ड ने क्या कहा था?
अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने गुरुवार को वाशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि कैबिनेट को इस बात के सबूत मिले हैं कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम लंबे समय से असुरक्षित थे और वोटों के नतीजों में हेरफेर के लिए उन्हें हैक किया जा सकता है। उन्होंने ये सबूत बैलेट के उपयोग से मतदान को अनिवार्य बनाते हैं, ताकि मतदाताओं को अमेरिकी चुनाव की अखंडता पर भरोसा हो सके। गौरतलब है कि पिछले साल एलन मस्क ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए उसे खत्म करने की बात कही थी, जिसका पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने जोरदार ढंग से खंडन किया था।

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