फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Earthquake of 3.4 magnitude occurred in Gulbarga, Karnataka

भूकंप: आज सुबह कर्नाटक में कांपी धरती, रिक्टर पैमाने पर 3.4 मापी गई तीव्रता

Sun, 10 Oct 2021 07:14 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुलबर्गा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुलबर्गा Published by: देव कश्यप Updated Sun, 10 Oct 2021 07:14 AM IST
सार

कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र ने बताया कि इस तरह के भूकंप से स्थानीय समुदाय को किसी प्रकार की क्षति नहीं होती है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर हल्का झटका महसूस किया जा सकता है। इससे किसी को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि तीव्रता बेहद कम है, जो विनाशकारी नहीं है।
 

विज्ञापन
Earthquake of 3.4 magnitude occurred in Gulbarga, Karnataka
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

विज्ञापन

कर्नाटक के कलबुर्गी में रविवार को 3.4 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए। कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र (केएसएनडीएमसी) ने बताया कि भूकंप सुबह छह बजकर पांच मिनट पर आया था। इसका केंद्र कलबुर्गी जिले के कलगी तालुका में कोडाडूर के दो किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था।

केएसएनडीएमसी ने कहा, भूकंपीय तीव्रता मानचित्र के अनुसार भूकंप की तीव्रता कम थी और यह अधिकतम 7-12 किलोमीटर के दायरे में महसूस किया गया। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से जान-माल की कोई क्षति नहीं हुई है।

विज्ञापन


केएसएनडीएमसी ने बताया कि इस तरह के भूकंप से स्थानीय समुदाय को किसी प्रकार की क्षति नहीं होती है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर हल्का झटका महसूस किया जा सकता है। इससे किसी को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि तीव्रता बेहद कम है, जो विनाशकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक अक्तूबर और पांच अक्तूबर को विजयपुरा में बसवकल्याण के पास 2.5 से 2.9 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। यह स्थान लातूर और किल्लारी के निकट है, जहां सितंबर 1993 में जबरदस्त भूकंप आया था। कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आयुक्त मनोज राजन ने बताया कि भूकंप के कई कारक हो सकते हैं। लेकिन फिलहाल इससे घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि ये बेहद हल्के झटके थे।

 

कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।

भूकंप की तीव्रता 
रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।



लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed