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कांपी धरती: अंडमान द्वीप पर महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 4.3 रही तीव्रता
Sat, 08 Jan 2022 12:18 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्टब्लेयर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्टब्लेयर
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 08 Jan 2022 12:18 PM IST
सार
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
अंडमान और निकोबार में भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप के झटके सुबह करीब 11 बजकर 12 मिनट पर महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई है। भूकंप का केंद्र द्वीप से 55 किमी पर था।
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क्यों आता है भूकंप
धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी होती हैं। इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिसे टैकटोनिक प्लेट्स कहते हैं। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर कंपन करती रहती हैं और जब इस प्लेट में बहुत ज्यादा कंपन हो जाती हैं, तो भूकंप महसूस होता है।
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जानिए भूकंप के केंद्र और तीव्रता का क्या मतलब है?
भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से धरती हिलने लगती है। इस स्थान पर या इसके आसपास के क्षेत्रों में भूकंप का असर ज्यादा होता है। अगर रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है।
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