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ई-श्रम पोर्टल : 94 फीसदी कामगारों की मासिक आमदनी 10 हजार से भी कम, 74 फीसदी कर्मचारी एससी, एसटी और ओबीसी से

Mon, 30 May 2022 05:20 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Mon, 30 May 2022 05:20 AM IST
सार

हालिया जारी आंकड़ों के मुताबिक, महीने में 10,000 रुपये से कम कमाने वालों की संख्या नवंबर, 2021 में 92.37 फीसदी थी। हालांकि, उस समय कुल पंजीकृत कामगारों की संख्या केवल 8 करोड़ ही थी। जबकि एससी, एसटी और ओबीसी की संख्या 72.58 फीसदी थी।

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E-Shram Portal Report 94 percent workers monthly income is less than 10 thousand 74 percent employees from SC, ST and OBC
E- Sharm - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सरकारी पोर्टल ई-श्रम पर पंजीकृत 27.69 करोड़ में से 26.05 करोड़ (94.11 फीसदी) श्रमिकों की मासिक कमाई 10,000 रुपये से कम है। जबकि 74 फीसदी यानी 20.49 करोड़ कामगार अनुसूचित जाति (एससी) अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ी जाति (ओबीसी) से संबंधित हैं।

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हालिया जारी आंकड़ों के मुताबिक, महीने में 10,000 रुपये से कम कमाने वालों की संख्या नवंबर, 2021 में 92.37 फीसदी थी। हालांकि, उस समय कुल पंजीकृत कामगारों की संख्या केवल 8 करोड़ ही थी। जबकि एससी, एसटी और ओबीसी की संख्या 72.58 फीसदी थी।
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4.36 फीसदी की कमाई 10 हजार से ज्यादा : आंकड़े बताते हैं कि 4.36 फीसदी कामगारों की कमाई 10 से 15 हजार रुपये के बीच है। पिछड़े समुदाय में 45.32 फीसदी ओबीसी, 20.95 फीसदी एससी और 8.17 फीसदी एसटी से आते हैं। सामान्य वर्गों के कामगारों की संख्या 25.56 फीसदी है।
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कामगारों की उम्र

  • 18 से 40 साल : 61.72 फीसदी
  • 40 से 50 साल : 22.12 फीसदी
  • 50 साल से ज्यादा : 13.23 फीसदी
  • 16 से 18 साल : 2.93 फीसदी

पंजीकृत कामगार

  • 52.81 फीसदी महिलाएं
  • 47.19 फीसदी पुरुष

शीर्ष 5 राज्यों की ज्यादा हिस्सेदारी

  • पंजीकरण कराने वालों में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और ओड़िसा की हिस्सेदारी ज्यादा है। कामगारों में सबसे ज्यादा 52.11 फीसदी का पेशा खेती है। जबकि 9.13 फीसदी निर्माण क्षेत्र में मजदूरी करते हैं।
  • 26 अगस्त, 2021 को शुरू हुआ था पोर्टल। सरकार का लक्ष्य असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिकों का पंजीकरण करना था।

जन समर्थ पोर्टल : सरकारी योजनाएं होंगी एक जगह
केंद्र सरकार विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की योजनाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के लिए ‘जन समर्थ’ पोर्टल लॉन्च करेगी। इसके जरिये सरकार की आम आदमी की जिंदगी को आसान बनाने की योजना है। सूत्रों का कहना है कि यह नरेंद्र मोदी सरकार के न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के विजन का हिस्सा है।



शुरुआती दौर में पोर्टल में 15 क्रेडिट लिंक्ड सरकारी योजनाओं को शामिल किया जाएगा। उनका कहना है कि इस सुविधा का धीरे-धीरे विस्तार होगा क्योंकि केंद्र की कुछ योजनाओं में कई एजेंसियों की भागीदारी होती है। उदाहरण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना (सीएलसीएसएस) कई मंत्रालयों द्वारा चलाई जा रही हैं।

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