फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Durga Puja pandal stampede case; police disclose identity of person taken into custody

कोलकाता: दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ मामले में बड़ा खुलासा, पुलिस ने हिरासत में लिए शख्स की पहचान उजागर की

Thu, 22 Oct 2026 10:32 PM IST
राहुल कुमार आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 22 Oct 2026 10:32 PM IST
सार

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भ्रामक घोषणा के बाद मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने आयोजन समिति के कोषाध्यक्ष सानिब राहा उर्फ सेंटू को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने पंडाल का ढांचा गिरने की आशंका जताकर लोगों को बाहर निकलने को कहा था। आखिर उसने ऐसी घोषणा क्यों की? क्या किसी और ने उसे ऐसा करने के लिए कहा था? पुलिस और न्यायिक जांच में क्या सामने आएगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

विज्ञापन
Durga Puja pandal stampede case; police disclose identity of person taken into custody
दुर्गा पूजा पंडाल में भ्रामक घोषणा करने के आरोप में गिरफ्तारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को उस शख्स की पहचान उजागर की, जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस शख्स पर आरोप है कि उसने 17 अक्टूबर की रात उत्तरी कोलकाता के चोरबागन सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में माइक्रोफोन पर एक भ्रामक घोषणा की थी। इस घोषणा के कारण वहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मच गई, जिससे मची भगदड़ में कुल 19 लोगों की मौत हो गई। 

विज्ञापन


शख्स ने की थी भ्रामक घोषणा 
कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त (अपराध) कुणाल अग्रवाल ने पुष्टि की है कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति का नाम सानिब राहा उर्फ सेंटू है, जो चोरबागन सार्वजनिन की सामुदायिक दुर्गा पूजा आयोजन समिति का कोषाध्यक्ष था। पुलिस के अनुसार, राहा को गुरुवार को दिन में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से गिरफ्तार किया गया और मध्य कोलकाता के लालबाजार स्थित शहर पुलिस मुख्यालय लाया गया।
विज्ञापन


फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने लोगों में घबराहट पैदा करने वाली भ्रामक घोषणा क्यों की और क्या उसने यह घोषणा खुद की थी या किसी और के कहने पर। वहीं, राहा से पूछताछ में जो बातें सामने आएंगी, उसी के आधार पर इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह भ्रामक घोषणा ऐसे समय में की गई जब बारिश के कारण पंडाल के अंदर पहले ही अफरा-तफरी मची हुई थी। बाहर मौजूद लोग बारिश से बचने के लिए अंदर आने की कोशिश कर रहे थे, जबकि अंदर मौजूद लोग उसी वजह से बाहर जाने से इनकार कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसी समय यह भ्रामक घोषणा की गई कि पंडाल का ढांचा गिर सकता है, इसलिए लोग तुरंत बाहर निकल जाएं। इससे भारी घबराहट फैल गई और लोग बाहर की ओर भागने लगे। कुछ लोग बाहर निकलने के लिए प्रवेश द्वार की तरफ भी चले गए, जिसकी वजह से अंततः भगदड़ मच गई। फिलहाल, इस भगदड़ की घटना की दो समानांतर जांच चल रही हैं। पहली जांच कोलकाता पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही है, जिसका नेतृत्व शहर पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (डीडी) से जुड़े सहायक आयुक्त (एसी) रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं।


दूसरी जांच राज्य सरकार द्वारा गठित एक न्यायिक जांच पैनल कर रहा है, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती (सेवानिवृत्त) कर रही हैं। इस न्यायिक पैनल को अपनी जांच पूरी करके अगले तीन महीनों के भीतर राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपनी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed