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कोरोना का खौफ: बड़ी सर्जरी टलने से खून की मांग में 50 फीसदी घटी, रक्त दान शिविर भी टले

Mon, 19 Apr 2021 06:12 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 19 Apr 2021 06:12 PM IST
सार

  • शीर्ष अस्पतालों को कोविड स्पेशल बना देने से सर्जरी टालनी पड़ीं, इससे खून की मांग में आई कमी
  • इस समय थैलेसीमिया, डिलीवरी, डायलसिस के मरीजों को ही दिया जा रहा खून

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due to postponed of major surgeries 50 percent reduction in blood demand, blood donation camp also postponed due to coronavirus
रक्त दान - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

कोरोना मरीजों को प्राथमिकता मिलने से देश के शीर्ष अस्पतालों में बड़ी-बड़ी सर्जरी टाल दी गई हैं। राजधानी दिल्ली के 14 शीर्ष अस्पतालों को पूरी तरह कोविड अस्पताल बना दिया गया है। यहां होने वाली सभी सर्जरी को आगे के लिए टाल दिया गया है। अन्य छोटी-छोटी सर्जरी को भी स्थगित कर दिया गया है। इस कारण से खून की मांग में 50 फीसदी तक की कमी आ गई है। कई जगहों पर लॉकडाउन लगने के कारण लोगों की परेशानी को देखते हुए ब्लड डोनेशन कैंप भी टाल देने पड़े हैं।

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इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की प्रमुख डॉक्टर वनश्री सिंह ने अमर उजाला को बताया कि बड़ी सर्जरी के टलने से खून की मांग में लगभग 50 फीसदी तक की कमी आ गई है। अकेले दिल्ली में ही रेड क्रॉस के जरिये प्रतिदन 60 से ज्यादा यूनिट्स ब्लड की सहायता लोगों को की जाती थी, लेकिन पिछले एक हफ्ते से यह 30 से 35 यूनिट ब्लड तक ही सीमित रह गई है। यह हालत केवल दिल्ली में ही नहीं देखी गई है, बल्कि देश के ज्यादातर हिस्सों में इसी तरह खून की मांग में कमी दर्ज की गई है।

देश के ज्यादातर हिस्सों में इस समय लॉकडाउन या आंशिक लॉकडाउन के कारण आवागमन भी कम/सीमित कर दिया गया है। इस कारण एक्सीडेंट्स की संख्या में कमी आई है जिसके कारण भी खून की मांग में कमी आई है।

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इन्हें दिया जा रहा खून

हालांकि, इसके बाद भी उन मरीजों को संस्थाओं द्वारा खून की मदद की जा रही है जिन्हें रेगुलर खून की आवश्यकता होती है। थैलेसीमिया के एक मरीज को उसकी आवश्यकता के अनुसार लगभग 15 दिन में एक बार साफ़ खून की आवश्यकता होती है। ऐसे मरीजों को हर हाल में रक्त देना पड़ता है। इसी प्रकार गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के समय, कैंसर के कुछ मरीजों को कीमोथेरेपी के समय और डायलिसिस के मरीजों को भी डॉक्टर की सलाह पर जरूरत पड़ने पर रक्त चढ़ाना पड़ता है। ऐसे मरीजों को इस समय भी रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। शीर्ष अस्पतालों को कोविड अस्पताल बना देने से भी इन मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

टालने पड़े कैंप

लॉकडाउन या आंशिक लॉकडाउन के कारण लोगों की आवाजाही की समस्या के कारण कई जगहों पर रक्तदान कार्यक्रम भी स्थगित करने पड़े हैं। रेड क्रॉस इंडिया ने रविवार को अपना एक रक्तदान कार्यक्रम आगे के लिए टाल दिया है। इसी प्रकार कुछ लायंस क्लब जैसी कुछ अन्य संस्थाओं को भी अपने रक्तदान कार्यक्रम रोकने पड़े हैं।

रक्तदान के लिए पास

रक्तदान को सरकार ने आवश्यक सेवाओं की सूची में डाला हुआ है। इस कारण अगर आप रक्तदान करने के लिए जा रहे हैं तो रक्तदान कराने वाली संस्था आपके लिए ई-पास जारी कर सकती है। इसके लिए संस्था की तरफ से एक व्हाट्सएप मैसेज आपको दे दिया जाता है जिसको दिखाकर आप लॉकडाउन के दौरान भी अपने घर से रक्तदान केंद्र तक जाकर रक्तदान कर सकते हैं। संस्था इसके लिए पुलिस के कंट्रोल रूम से सहयोग लेती है। इसलिए अगर आप रक्तदान के लिए जाना चाहते हैं तो इसमें कोई समस्या नहीं आएगी।

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