कोविड-19 के चलते सरकारी अधिकारी 31 दिसंबर तक जमा कर सकेंगे अपनी मूल्यांकन रिपोर्ट
डीओपीटी के मुताबिक कोविड-19 के चलते अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी तय समय पर अपनी पीएआर जमा नहीं करा सके थे। नियम है कि कोई भी अधिकारी अपनी सेवानिवृत्ति से एक माह पहले यह रिपोर्ट दे सकता है...
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केंद्र सरकार ने आईएएस और आईपीएस सहित तमाम वे सेवाएं, जो अखिल भारतीय सेवा के तहत आती हैं, उनके अफसरों को अपनी वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट जमा कराने का 'अंतिम मौका' दिया है। जो अफसर इस वर्ष 30 जून से 31 अक्तूबर के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं या होने वाले हैं, वे ही इस स्कीम का फायदा उठा सकेंगे। डीओपीटी ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों को लिखे अपने पत्र में कहा है कि उक्त अधिकारी अब 31 दिसंबर तक अपनी वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट 'पीएआर' जमा करा सकेंगे। यह छूट कोविड-19 के चलते दी गई है।
डीओपीटी के मुताबिक, कोविड-19 के चलते अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी तय समय पर अपनी पीएआर जमा नहीं करा सके थे। नियम है कि कोई भी अधिकारी अपनी सेवानिवृत्ति से एक माह पहले यह रिपोर्ट दे सकता है। कुछ मामलों में अधिकारियों को उनकी सेवानिवृत्ति के एक माह बाद तक यह मौका दिया जाता है। इसमें संबंधित अधिकारी को पिछले एक साल की अपनी सेवा का लेखा-जोखा यानी प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करनी होती है।
इस अवधि में उस अधिकारी ने कोई ऐसा कार्य किया है कि जिससे वह खुद को किसी अवार्ड का हकदार मानता है, तो उस बारे में विस्तृत तौर पर रिपोर्ट में लिख सकता है। उसके द्वारा किए गए कार्य या निर्णयों से विभाग को क्या फायदा हुआ है, अधिकारी अपनी रिपोर्ट में यह जिक्र भी करते हैं। इसके बाद वह रिपोर्ट रिव्यू अथॉरिटी के पास जाती है। यहां से वह रिपोर्ट स्वीकार्य अथॉरिटी के पास पहुंचती है।
खास बात है कि यह छूट केवल एक बार मिलेगी। वजह, कोरोना वायरस संक्रमण और लॉकडाउन के चलते अनेक अधिकारी इस रिपोर्ट को समय पर नहीं दे पाए थे। यदि कोई अधिकारी 31 अक्तूबर के बाद रिटायर होता है, तो उसे यह छूट नहीं मिलेगी। ऐसे मामले में अधिकारी को पहले से जारी नियमों के अनुसार ही अपनी पीएआर जमा करानी होगी।