अब हारेगा कोरोना : भारत में दो टीके एक साथ, कोविशील्ड व कोवैक्सीन को मंजूरी
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कोरोना वायरस से लड़ने के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने बड़ा एलान किया है। डीसीजीआई ने सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। ऐसे में एक साथ दो टीकों को मंजूरी देने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया है। ये वैक्सीन देश के नागरिकों को दी जाएगी।
इससे पहले एक्सपर्ट कमेटी (एसईसी) ने इन दोनों वैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दी और इसके इस्तेमाल की अनुमति के लिए डीसीजीआई से सिफारिश की थी, जिस पर आज मुहर लग गई है। एक्सपर्ट कमेटी ने दो वैक्सीन के बारे में जानकारी दी।
अब देश में कोविशील्ड और कोवैैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी मिल गई है। इन दोनों वैक्सीन की दो-दो डोज मरीजों को दी जाएंगी। इन दोनों वैक्सीन को 2-8 डिग्री तापमान पर सुरक्षित रखा जा सकेगा। डीसीजीआई के मुताबिक सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन की ओवरऑल क्षमता 70.42 फीसदी थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया आभार
डीसीजीआई के आपात इस्तेमाल की मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने मेहनतकश वैज्ञानिकों और आविष्कारकों को भी बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि उत्साही लड़ाई को मजबूत करने के लिए निर्णायक मोड़।
A decisive turning point to strengthen a spirited fight!
— Narendra Modi (@narendramodi) January 3, 2021
DCGI granting approval to vaccines of @SerumInstIndia and @BharatBiotech accelerates the road to a healthier and COVID-free nation.
Congratulations India.
Congratulations to our hardworking scientists and innovators.
110 फीसदी सुरक्षित है वैक्सीन - वीजी सोमानी
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के निदेशक वीजी सोमानी का कहना है कि हम कभी भी ऐसी वैक्सीन को मंजूरी नहीं देंगे, जिसमें थोड़ा-सी भी चिंता की बात हो। ये वैक्सीन 110 फीसदी सुरक्षित हैं। हल्का बुखार, दर्द और एलर्जी होना किसी भी वैक्सीन के लिए साइड इफेक्ट हो सकते हैं। लोगों को अगर ये लगता है कि वैक्सीन लगाने से वो नपुंसक हो जाएंगे तो ये एकदम बकवास बात है।
#WATCH I We'll never approve anything if there's slightest of safety concern. Vaccines are 110 % safe. Some side effects like mild fever, pain & allergy are common for every vaccine. It (that people may get impotent) is absolute rubbish: VG Somani,Drug Controller General of India pic.twitter.com/ZSQ8hU8gvw
— ANI (@ANI) January 3, 2021
आने वाले हफ्तों में कोविशील्ड रोल-आउट के लिए तैयार - पूनावाला
सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने रविवार को कहा कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड आने वाले हफ्तों में तैयार हो जाएगी। अदार पूनावाला का ये बयान तब आया, जब डीसीजीआई ने कोविशील्ड के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी।
अदार पूनावाला ने ट्वीट कर लिखा कि आप सभी को नया साल मुबारक। भारत की पहली कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। ये पूरी तरह से सुरक्षित, प्रभावी और रोल-आउट करने के लिए तैयार है। उन्होंने इस कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया, स्वास्थ्य मंत्रालय समेत तमाम लोगों का आभार जताया है।
डाॅ. गुलेरिया बोले, भारत बाॅयोटेक की वैक्सीन का इस्तेमाल करेंगे
एम्स के निदेशक डाॅ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि जब भी कोरोना के केस में अचानक बढ़ोतरी होगी और हमें टीकाकरण की जरूरत पड़ेगी तो भारत बाॅयाटेक की वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन का उपयोग बैकअप के रूप में भी किया जा सकेगा। सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कितनी असरकारी होगी, इसे लेकर अभी अभी सुनिश्चित नहीं हैं।
In an emergency situation when there is a sudden increase in cases & we need to vaccinate, Bharat Biotech vaccine will be used. It can also be used as a backup when we're not sure how efficacious the Serum Institute vaccine is going to be: Dr Randeep Guleria, AIIMS Director pic.twitter.com/3PadF53R81
— ANI (@ANI) January 3, 2021
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने फैसले का किया स्वागत
डीसीजीआई के कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी देने के फैसले का विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वागत किया है। डब्ल्यूएचओ, दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर पूनम खेत्रपाल सिंह ने बताया कि कोविड-19 वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी के भारत के फैसले को स्वागत किया जाता है।
पूर्वाभ्यास में एक लाख ज्यादा वैक्सीनेटर प्रशिक्षित हुए
वहीं, कोरोना वैक्सीन के पूर्वाभ्यास को लेकर केंद्र सरकार की ओर से जानकारी दी गई है। सरकार ने बताया कि इसके तहत देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 125 जिलों में के 286 स्थलों पर सत्र आयोजित किए गए। प्रशासन ने इस मॉक ड्रिल के तहत करीब 1,14,100 वैक्सीनेटरों को प्रशिक्षित किया। वहीं अब तक 75 लाख से अधिक लाभार्थियों को को-विन सॉफ्टवेयर के माध्यम से पंजीकृत किया गया है।
उपलब्धि : भारत कोरोना के नए रूप को आइसोलेट किया
भारत ने ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए रूप सॉर्स-कोव-2 का 'कल्चर' टेस्ट कर लिया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी आईसीएमआर ने दावा किया है कि उसने ब्रिटेन से आए कोरोना के इस नए स्ट्रेन (नया रूप) को सफलतापूर्वक 'कल्चर' टेस्ट कर 'आइसोलेट' कर लिया है। इससे कोरोना के इस नए स्ट्रेन के इलाज में आसानी होगी। आईसीएमआर ने कहा कि भारत ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश है।
आईसीएमआर ने शनिवार को कहा कि जिस दिन से कोविड-19 महामारी सामने आई थी, उसी दिन से इसके 'कल्चर' का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे थे। हाल ही में ब्रिटेन से भारत लौटे लोगों के सैंपल का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी में 'कल्चर' टेस्ट किया गया। इसमें वायरस के नए स्ट्रेन को आइसोलेट यानी अलग करने में कामयाबी मिली है। अब तक किसी अन्य देश को नए स्ट्रेन को विभक्त करने में कामयाबी नहीं मिली है।