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निर्भय सब-सोनिक क्रूज मिसाइल के उड़ान परीक्षण के दौरान आई खामी: डीआरडीओ
Mon, 12 Oct 2020 03:00 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 12 Oct 2020 03:00 PM IST
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निर्भय मिसाइल (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
निर्भय सब-सोनिक क्रूज मिसाइल के उड़ान परीक्षण के दौरान इसमें एक खामी आ गई। फिलहाल खामी का पता लगाया जा रहा है। यह जानकारी सोमवार को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने दी।
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During the flight test of Nirbhay sub-sonic cruise Missile, it developed a snag. The details of the snag are being ascertained: DRDO (Defence Research and Development Organisation) officials
— ANI (@ANI) October 12, 2020विज्ञापन
निर्भय सब-सोनिक क्रूज मिसाइल 800 किलोमीटर रेंज की है। रिपोर्ट के मुताबिक, सेना और नौसेना में शामिल करने की औपचारिक शुरुआत से पहले रॉकेट बूस्टर मिसाइल को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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डीआरडीओ ने 'मेड इन इंडिया' की रणनीति के तहत परमाणु और पारंपरिक मिसाइलों के विकास का तेजी से उत्पादन करने का प्रयास किया है। डीआरडीओ ने करीब एक महीने में हर चौथे दिन में एक मिसाइल दागी है, जो वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से पीछे हटने के लिए चीन के इनकार की पृष्ठभूमि के खिलाफ डीआरडीओ की तैयारी को दर्शाता है।
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'निर्भय' मिसाइल की खासियतें
यह मिसाइल एक हजार किलोमीटर दूरी तक मार करने में सक्षम है। यह बिना भटके अपने निशाने पर अचूक वार करती है। यह दो चरणों वाली मिसाइल है। पहली बार में लंबवत और दूसरे चरण में क्षैतिज। यह पहले पारंपरिक रॉकेट की तरह सीधा आकाश में जाती है और फिर दूसरे चरण में क्षैतिज उड़ान भरने के लिए 90 डिग्री का मोड़ लेती है। इस तरह यह अपने लक्ष्य को निशाना बनाती है।
निर्भय मिसाइल को डीआरडीओ ने पूर्णतया अपने दम पर बनाया है। इस मिसाइल में धीमी गति से आगे बढ़ने, बेहतरीन नियंत्रण एवं दिशा-निर्देशन, सटीक परिणाम देने तथा रडारों से बच निकलने की क्षमता है। यह सुपर सोनिक क्रूज मिसाइल एडवांस्ड सिस्टम लैबोरेटरी (एएसएल) द्वारा विकसित की गई है। यह मिसाइल ठोस रॉकेट मोटर बूस्टर से सुसज्जित है। इसमें टबरे-फैन इंजन लगा है जो इसे आगे बढ़ाता है। इससे पहले डीआरडीओ ने रूद्रम और स्मार्ट मिसाइल का सफल परीक्षण किया था।