{"_id":"659d55d1605efc0b1f080944","slug":"drdo-launches-fully-indigenous-assault-rifle-ugram-2024-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ugram Assault Rifle: स्वदेशी असॉल्ट राइफल 'उग्रम' लॉन्च, जानें डीआरडीओ के बनाए इस हथियार के बारे में","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Ugram Assault Rifle: स्वदेशी असॉल्ट राइफल 'उग्रम' लॉन्च, जानें डीआरडीओ के बनाए इस हथियार के बारे में
Tue, 09 Jan 2024 07:49 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 09 Jan 2024 07:49 PM IST
सार
डीआरडीओ ने स्वदेशी असॉल्ट राइफल 'उग्रम' को लॉन्च किया है। एआरडीई के निदेशक ए राजू ने कहा कि यह डीआरडीओ और एआरडीई के लिए एक 'गौरवान्वित क्षण' था।
विज्ञापन
असॉल्ट राइफल 'उग्रम'
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और निजी फर्म द्वारा संयुक्त रूप से विकसित असॉल्ट राइफल 'उग्रम' सोमवार को लॉन्च की गई है। डीआरडीओ की पुणे स्थित प्रयोगशाला आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट(एआरडीई) में इसे बनाया गया। एआरडीई के निदेशक ए राजू की मौजूदगी में महानिदेशक (आर्ममेंट एंड कॉम्बैट इंजीनियरिंग क्लस्टर) डॉ. एसवी गाडे ने लॉन्च किया हैं।
जानिए असॉल्ट राइफल 'उग्रम' बारे में-
हथियार का विकास जीएसक्यूआर(जनरल स्टाफ क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट) को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया हैं। एआरडीई के निदेशक ए राजू ने कहा कि यह डीआरडीओ और एआरडीई के लिए एक 'गौरवान्वित क्षण' था। हम पिछले दो-तीन वर्षों से असॉल्ट राइफल के डिजाइन पर काम कर रहे हैं। हम इस उत्पाद को रिकॉर्ड समय में बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह हथियार पूरी तरह से स्वदेशी हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाता है। एक विज्ञप्ति के मुताबिक, इन सर्विस गोला बारूद के साथ विश्वसनीय कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। फील्ड उपयोगकर्ता परीक्षणों से पहले हथियार एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति द्वारा कड़े परीक्षणों के अधीन होगा। एआरडीई के निदेशक ए राजू के मुताबिक, इस बंदूक की टेस्टिंग हर मौसम में की जाएगी। यह टेस्टिंग यह पता लगाने के लिए किया जा रहा है कि यह कितनी कारगर साबित है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी राइफल टेस्टिंग बर्फीली, रेगिस्तानों और बारिश वाले मौसम में की जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष दिसंबर माह में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने सेना के लिए इसी कैलिबर की 70 हजार यूएस-निर्मित एसआईजी सॉयर असॉल्ट राइफळ की खरीद को मंजूर कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानिए असॉल्ट राइफल 'उग्रम' बारे में-
- डीआरडीओ ने लॉन्च की स्वदेशी राइफल
- 7.62x51mm कैलिबर की राइफल
- वजन चार किलोग्राम से कम, रेंज 500 मीटर
- सिंगल और फुल ऑटो दोनों मोड में फायर करने की क्षमता
- 100 दिनों के भीतर तैयार की गई यह राइफल
हथियार का विकास जीएसक्यूआर(जनरल स्टाफ क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट) को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया हैं। एआरडीई के निदेशक ए राजू ने कहा कि यह डीआरडीओ और एआरडीई के लिए एक 'गौरवान्वित क्षण' था। हम पिछले दो-तीन वर्षों से असॉल्ट राइफल के डिजाइन पर काम कर रहे हैं। हम इस उत्पाद को रिकॉर्ड समय में बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह हथियार पूरी तरह से स्वदेशी हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाता है। एक विज्ञप्ति के मुताबिक, इन सर्विस गोला बारूद के साथ विश्वसनीय कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। फील्ड उपयोगकर्ता परीक्षणों से पहले हथियार एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति द्वारा कड़े परीक्षणों के अधीन होगा। एआरडीई के निदेशक ए राजू के मुताबिक, इस बंदूक की टेस्टिंग हर मौसम में की जाएगी। यह टेस्टिंग यह पता लगाने के लिए किया जा रहा है कि यह कितनी कारगर साबित है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी राइफल टेस्टिंग बर्फीली, रेगिस्तानों और बारिश वाले मौसम में की जाएगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि पिछले वर्ष दिसंबर माह में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने सेना के लिए इसी कैलिबर की 70 हजार यूएस-निर्मित एसआईजी सॉयर असॉल्ट राइफळ की खरीद को मंजूर कर दिया था।
विज्ञापन