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Launching: DRDO और भारतीन नौसेना ने VL-SRSAM का किया सफलतापूर्वक परीक्षण, जानें इस मिसाइल की खूबियां
Tue, 23 Aug 2022 03:45 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 23 Aug 2022 03:45 PM IST
सार
डीआरडीओ और भारतीय नौसेना ने जमीन से हवा में मार करने वाली ' वर्टिकली शॉर्ट रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल'(VL-SRSAM) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। इस मिसाइल की खूबियां क्या हैं और इसका रणनीतिक महत्व क्या है आइये जानें...
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VL-SRSAM
- फोटो : Twitter@ DRDO
विस्तार
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय नौसेना ने मंगलवार को जमीन से हवा में मार करने वाली ' वर्टिकली शॉर्ट रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल'(VL-SRSAM) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। ओडिशा के चांदीपुर तट पर भारतीय नौसेना के जहाज से डीआरडीओ और भारतीय नौसेना ने वर्टिकल लॉन्च शॉर्ट रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल का परीक्षण किया। डीआडीओ के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। VL-SRSAM को भारतीय नौसेना के लिए स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के अधिकारियों के अनुसार यह मिसाइल लगभग 15 किमी की दूरी पर स्थित दुश्मन के टारगेट को तबाह कर सकती है।
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जानें VL-SRSAM मिसाइल प्रणाली क्या है?
VL-SRSAM मिसाइल के परीक्षण का मुख्य उद्देश्य भारतीय नौसेना के युद्धपोतों पर इसकी तैनाती करना है। इस मिसाइल को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन(डीआरडीओ) की तीन सुविधाओं द्वारा संयुक्त रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है। मिसाइल में समुद्री-स्किमिंग लक्ष्यों सहित निकट सीमा पर विभिन्न हवाई खतरों को बेअसर करने की क्षमता है। समुद्री स्किमिंग की रणनीति का उपयोग विभिन्न जहाज-रोधी मिसाइलों और कुछ लड़ाकू विमानों द्वारा किया जाता है ताकि युद्धपोतों पर रडार द्वारा पता लगाने से बचा जा सके। यह मिसाइल समुद्र की सतह के बेहद करीब से उड़ान भरती हैं और इस तरह इनका पता लगाना और बेअसर करना मुश्किल होता है।
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VL-SRSAM का डिजाइन
इस मिसाइल को 40 से 50 किमी की दूरी पर और लगभग 15 किमी की ऊंचाई पर उच्च गति वाले हवाई लक्ष्यों पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है। डीआरडीओ के अधिकारियों ने कहा है कि इसका डिजाइन एस्ट्रा मिसाइल पर आधारित है जो कि एक विजुअल रेंज से परे हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है।
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VL-SRSAM मिसाइल की प्रमुख विशेषताएं
VL-SRSAM मिसाइल की दो प्रमुख विशेषताएं हैं क्रूसिफॉर्म विंग्स और थ्रस्ट वेक्टरिंग। क्रूसिफॉर्म में पंख चार छोटे पंख होते हैं जो चारों तरफ एक क्रॉस की तरह व्यवस्थित होते हैं और प्रक्षेप्य को एक स्थिर मुद्रा देते हैं। वहीं थ्रस्ट वेक्टरिंग अपने इंजन से कोणीय वेग और मिसाइल को नियंत्रित करने वाले थ्रस्ट की दिशा बदलने में मदद करता है।
VL-SRSAM मिसाइल का रणनीतिक महत्व
नौसेना के एक पूर्व अधिकारी ने कहा कि नौसेना को अपने युद्धपोत को जहाज-रोधी मिसाइलों और विरोधी विमानों से बचाने के लिए विभिन्न रक्षा तंत्रों को नियोजित करना पड़ता है। सदियों पुरानी विधियों में से एक है चैफ्स - जो दुनिया भर में दुश्मन के रडार और रेडियो फ्रीक्वेंसी (आरएफ) मिसाइल से नौसेना के जहाजों की रक्षा के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक काउंटरमेजर तकनीक है। दूसरा तरीका एंटी शिप मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए मिसाइलों को तैनात करना है। इन प्रणालियों में एक त्वरित पहचान तंत्र, त्वरित प्रतिक्रिया, उच्च गति और उच्च गतिशीलता होनी चाहिए। VL-SRSAM मिसाइल इन सभी गुणों का दावा करता है। हालांकि, भारतीय नौसेना के जहाजों पर तैनाती के लिए तैयार होने के लिए इसे विभिन्न परिस्थितियों और विन्यासों में परीक्षणों से गुजरना होगा।