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एंटी-एयरफील्ड हथियार: 100 किलोमीटर दूर भी दुश्मन के ठिकानों पर होगा सटीक हमला, स्वदेशी स्मार्ट बम ने बढ़ाई वायु सेना की ताकत
Fri, 05 Nov 2021 08:24 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 05 Nov 2021 08:24 AM IST
सार
लॉन्ग रेंज गाइडेड बम आम बम से अलग हैं। इन्हें गिराने के बाद नियंत्रित भी किया जा सकता है और इनकी दिशा और गति में भी परिवर्तन किया जा सकता है। इस बम को डीआरडीओ ने विकसित किया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारत ने राजस्थान के जैसलमेर की पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड हथियार का एक और सफल परीक्षण कर लिया है। भारत में निर्मित इस हथियार का इससे पहले 28 अक्तूबर को भी परीक्षण किया गया था। अनुसंधान एवं विकास संगठन(डीआरडीओ) द्वारा विकसित बम के इस वर्ग का परीक्षण देश में पहली बार किया गया है। यह बम एक तरह से मिसाइल की तरह काम करता है और इसके जगुआर फाइटर प्लेन से संचालित किया जा सकता है।
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अचूक है निशाना
अधिकारियों के अनुसार इस बम को लंबी दूरी पर आधारित टारगेट तक गाइड कर निशाने तक पहुंचाया गया। इस बम का निशाना एक सीमा तक अचूक है। डीआरडीओ के मुताबिक, एक साधारण बम को गिराने के बाद उन्हें नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। जबकि, लॉन्ग रेंज गाइडेड बम, जिन्हें स्मार्ट बम भी कहा जाता है। इन्हें गिराने के बाद नियंत्रित किया जा सकता है, यहां तक कि इनकी दिशा और गति को भी बदला जा सकता है। इससे इस बम का निशाना अचूक हो जाता है और यह बम दुश्मन के ठिकाने को खत्म करके ही दम लेता है।
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100 किमी दूर भी दुश्मन का होगा खात्मा
इस स्मार्ट बम से 100 किलोमीटर दूर भी बैठे दुश्मन को खत्म किया जा सकता है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सटीक नेविगेशन प्रणाली की मदद से इस बम को जगुआर विमान के जरिए छोड़ा गया, जो 100 किलोमीटर की दूर तक पहुंचा। अपने दोनों ही परीक्षणों में इस बम ने टारगेट को पूरी सटीकता से हिट किया।
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