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थिएटर: जीवन धूप-छांव हैं, बस हौसला रखो सखी; दो सहेलियों के जीवन पर आधारित नाटक मचा रहा धूम
Sun, 22 Jan 2023 10:35 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 22 Jan 2023 10:35 PM IST
सार
अलवर में 19 जनवरी 2023 को मंचित इस नाटक को दर्शकों ने खूब सराहा। नैना के किरदार को निभा रही ममता कर्नाटक के अभिनय ने सैलाब के मंचन में जीवन के कई रंग उकेरे।
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दो सहेलियों के जीवन पर आधारित नाटक
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
पम्मी और नैना का थिएटर के मंच पर नाटक सैलाब के माध्यम से जीवन कुछ ऐसा ही संदेश देता है। जहां दोनों सहेलियों का जीवन न केवल उतार चढ़ाव से भरा है, बल्कि जीवन में धूप-छांव के गजब के पक्ष दिखाता है। इससे ज्यादा खूबसूरत तरीके से दोनों पात्रों के लिए की गई अदाकारी है। इसमें नैना के किरदार को ममता कर्नाटक ने निभाया है, जबकि पम्मी के किरदार को मनीषा मल्होत्रा ने जीवंत बना दिया। नारी विमर्श पर केंद्रित यह नाटक दर्शकों की खूब तालियां बटोर रहा है।
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अलवर में 19 जनवरी 2023 को मंचित इस नाटक को दर्शकों ने खूब सराहा। नैना के किरदार को निभा रही ममता कर्नाटक के अभिनय ने सैलाब के मंचन में जीवन के कई रंग उकेरे। एक पारंपरिक परिवार, उसकी सीमा रेखा में बंधी जिंदगी और ऐसे माहौल में अल्हड़ता, आनंद और मस्ती के जीवन को देखने वाली नैना। कुछ इसके अलग ध्रुव पर खड़ी पम्मी के रंग। जहां शुरूआत में सबकुछ ठीक चलता रहा और जीवन के मध्यान्ह में पारिवारिक समास्याओं ने घेरना शुरू कर दिया। दोनों अभिनेत्रियों ने इसके मंचन में न केवल अपनी अभिनय कला से दर्शकों को बांधे रखा, बल्कि नाटक के जरिए दिए जाने वाले संदेश में जान डाल दी।
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नैना और पम्मी के स्वभाव में जहां ओर-छोर का फर्क है, वहीं दोनों में एक दूसरे का साथ निभाने की गजब की केमिस्ट्री भी है। कहते हैं न कि जीवन में किसी को कहीं से भी मनोभावों को सहारा देने वाला मिले तो जीवन जीने के लिए सहारे की एक डोर ही काफी है। इसी ताने-बाने में बुना यह नाटक अपने दर्शकों को बताने में सफल रहा कि बदलते दौर में जिंदगी में कुछ भी तय नहीं है। न धूप। न छांव। बस हौसला रखो सखी। आने वाले समय की तासीर पहचानों और बदलाव के साथ समझदारीभरा तालमेल बिठाओं तो सब ठीक रहता है। सबसे पहले इसका मंचन श्रीराम सेंटर में साहित्य कला परिषद के भारत मुनि रंग उत्सव में 27 सितंबर 2022 को हुआ था। 18 अक्तूबर को इसे कानपुर में भी दर्शको की सराहना मिली। सैलाब के नाट्य रुपांतरण और निर्देशन में दिवाकर नवीन ने भी अपनी गजब की क्षमता का परिचय दिया है।
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