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CSIR: डॉ. कलाइसेल्वी बनीं सीएसआईआर की पहली महिला महानिदेशक, शेखर मांडे का लेंगी स्थान

Sun, 07 Aug 2022 11:23 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Sun, 07 Aug 2022 11:23 AM IST
सार

वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एन कलाइसेल्वी को CSIR का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा उन्हें DSIR के सचिव की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। 

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Dr N Kalaiselvi appointed as the DG of CSIR and Secretary of DSIR
डॉ. एन कलाइसेल्वी - फोटो : ANI

विस्तार

वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नल्लाथंबी कलाइसेल्वी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें काउंसिल ऑफ साइंटफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। वह सीएसआईआर की पहली महिला महानिदेशक हैं। इसके अलावा उन्हें डिपार्टमेंट ऑफ साइंटफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (DSIR) के सचिव की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। 

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कार्मिक मंत्रालय ने एक आदेश के अनुसार, कलाइसेल्वी, शेखर मांडे का स्थान लेंगी, जो अप्रैल में सेवानिवृत्त हो गए हैं। मांडे के सेवानिवृत्त होने के बाद जैवप्रौद्योगिकी विभाग के सचिव राजेश गोखले को महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। कलाइसेल्वी अभी तक तमिलनाडु के करईकुडी में सीएसआईआर-केंद्रीय विद्युत रासायनिक अनुसंधान संस्थान की निदेशक के रूप में कार्य कर रही थीं। उन्हें लिथियम आयन बैटरी के क्षेत्र में काम करने के लिए जाना जाता है। उनकी नियुक्ति दो साल के लिए की गई है।

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तमिलनाडु में तिरुनेलवेली जिले के अंबासमुद्रम की रहने वाली कलाइसेल्वी ने तमिल में अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की है। वह अभी सोडियम-आयन/लिथियम-सल्फर बैटरी और सुपरकैपेसिटर के विकास पर काम कर रही हैं। उन्होंने ‘नेशनल मिशन फॉर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी’ में अहम योगदान भी दिए हैं। उनके नाम पर 125 से अधिक शोध पत्र और छह पेटेंट हैं।

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तमिलनाडु में तिरुनेलवेली जिले के छोटे-से शहर अंबासमुद्रम की रहने वाली कलाइसेल्वी ने तमिल माध्यम से स्कूली शिक्षा प्राप्त की। उनका कहना है कि इससे उन्हें कॉलेज में विज्ञान की अवधारणाओं को समझने में मदद मिली। कलाइसेल्वी ने 25 वर्ष से ज्यादा अनुसंधान कार्य मुख्यत: विद्युत रासायनिक ऊर्जा प्रणाली, खासतौर से इलेक्ट्रोड के विकास पर किए। 

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