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Genome Sequencing: वैज्ञानिक भारत के 10 हजार से अधिक लोगों की जीनोम सीक्वेसिंग करेंगे; सरकार ने बताया मकसद
Wed, 28 Feb 2024 02:08 AM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 28 Feb 2024 02:08 AM IST
सार
भारत के 10 हजार से अधिक लोगों की जीनोम सीक्वेंसिंग कराने की तैयारी हो रही है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के मकसद के बारे में जानकारी दी है। इसका एक मकसद बीमारियों का अधिक प्रभावी इलाज करना है।
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (फाइल)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
केंद्र सरकार ने कहा है कि वैज्ञानिक भारत के 10 हजार से अधिक लोगों का जीनोम सीक्वेंसिंग करेंगे। वैज्ञानिक देश की आबादी का डेटाबेस तैयार करने के मकसद से जीनोम अनुक्रमण करेंगे। जीन आधारित उपचार के मकसद से होने वाली सीक्वेंसिंग के बारे में केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा, देश के विज्ञान जगत के लिए यह ऐतिहासिक मौका है। उन्होंने कहा कि जीनोम अध्ययन या अनुक्रमण दुनिया भर में चिकित्सीय जरूरतों के लिए बेहद जरूरी है। डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा, रोगनिरोधी भविष्य और स्वास्थ्य देखभाल रणनीतियों के लिहाज से जीनोम सीक्वेंसिंग करना बहुत अहम है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत में सामने आ रही समस्याओं का भारतीय समाधान खोजने की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा, हमारा देश अब वैज्ञानिक रूप से उन्नत देशों में अग्रणी राष्ट्र के रूप में उभर रहा है।
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विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत में सामने आ रही समस्याओं का भारतीय समाधान खोजने की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा, हमारा देश अब वैज्ञानिक रूप से उन्नत देशों में अग्रणी राष्ट्र के रूप में उभर रहा है।
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