दिल्ली अध्यक्ष घोषित होने के वक्त क्या कर रहीं थी शीला दीक्षित?
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दिल्ली में कांग्रेस की मजबूत वापसी के लिए जिस समय पार्टी की कोर कमेटी शीला दीक्षित के नाम पर विचार कर रही थी, ठीक उसी समय वे चाणक्यापुरी में महिलाओं के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं। दिल्ली महिला कांग्रेस की अगुवाई में आई सैकड़ों महिलाओं को वे सिखा रहीं थीं कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के लिए वे किस तरह मजबूत रोल अदा कर सकती हैं। जैसे उन्हें पार्टी ने पहले से ही यह संकेत दे दिया था कि पार्टी की कमान उन्हें ही सौंपी जानी है, शीला दीक्षित ने अपने नामांकन से पहले ही अपनी टीम को मजबूत करने में जुट गयी थीं।
क्या है शीला की खासियत
दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अमर उजाला को बताया कि अगले चुनाव से पहले हमारे पास बहुत कम समय बचा हुआ है, लेकिन पार्टी की मजबूती के लिए हमारे पास काम बहुत ज्यादा है। लेकिन जब शीला दीक्षित जैसा अनुभव हमारे साथ जुड़ जाता है तो हमारा यही काम बेहद आसान हो जाता है।
वे बताती हैं कि शीला दीक्षित की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे सबके साथ बेहद सहज हैं। सबके साथ आसानी से घुलमिल जाती हैं। इससे पार्टी के कार्यकर्ता उन्हें अपना समझते हैं और उनके प्रेरणा से खुशी के साथ पार्टी का काम आगे बढ़ाते हैं जिससे पार्टी को मजबूती मिलती है। उन्होंने बताया कि सभी महिला कार्यकर्ता शीला दीक्षित को अपने साथ पाकर बेहद खुश थीं।
आतंरिक संदेश प्रणाली मजबूत करने पर जोर
पार्टी ने दिल्ली के सबसे निचले स्तर के कार्यकर्ताओं को अपना सबसे मजबूत हथियार बनाने की रणनीति अपनाई है। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने बताया कि दिल्ली में कुल 13,816 बूथ हैं। हर बूथ पर मुख्य टीम के आलावा उनके साथ-साथ महिलाओं की एक विशेष टीम काम करेगी। हर बूथ की महिलाओं को पार्टी के एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के स्तर पर पहले हर हफ्ते एक योजना तैयार की जायेगी, जो सभी महिला कार्यकर्ताओं को इस ग्रुप के माध्यम से पता चलेगी। उसी कार्यक्रम को उन्हें अपने मोहल्ले में उन दिनों में आगे बढ़ाना होगा। बाद में यही संदेश रोजाना के स्तर पर बताए जाएंगे।
ऐसा नहीं है कि इसका इस्तेमाल सिर्फ संदेश देने के लिए ही किया जाएगा, बल्कि महिला कार्यकर्ताओं का फीडबैक भी इसके जरिए नेतृत्व को हमेशा मिलता रहेगा। इससे नेतृत्व अपनी योजना में जरुरी बदलाव कर सकेगा।
50 फीसदी आबादी कांग्रेस का लक्ष्य
शर्मिष्ठा मुखर्जी ने बताया कि हर समाज में आधा हिस्सा महिलाओं का होता है, इसलिए उन्होंने इसके माध्यम से महिला वोटरों को ही लक्ष्य करने की रणनीति बनाई है। उनकी कोशिश होगी कि दिल्ली के हर परिवार की एक महिला उनसे सीधे जुड़े और वे खुद उस तक सीधे पहुंचें।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भाषा बहुत सभ्य और प्रभावशाली होती है। पुरुष मतदाता भी उनकी बात गंभीरता से सुनते हैं। यही कारण है कि वे चाहती हैं कि इन महिलाओं के जरिए वे बड़ा परिवर्तन करें। उनके लक्ष्य में मोदी और केजरीवाल सरकार की नाकामियों की लंबी फेहरिस्त है इसे वे अपने इन संदेश वाहकों के जरिए लोगों तक पहुंचाना चाहती हैं।
तकनीकी सिखाई
इस कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ तकनीकी रूप से दक्ष टीम ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं को पार्टी के शक्ति एप के बेहतर इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी। इसके आलावा पार्टी के संदेशों को जनता के बीच ले जाने के लिए फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों का कैसे बेहतर इस्तेमाल करना है, इसकी जानकारी भी दी।