एनसीपी नेता डीपी त्रिपाठी बोले, दिल्ली में अभी भी बाकी है आप और कांग्रेस के गठबंधन की संभावना
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाएं लगभग खत्म हो चुकी हैं। दोनों ही दलों ने इस मामले पर अपनी स्थिति साफ कर दी है। लेकिन विपक्ष के नेता अब भी दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की संभावनाएं तलाश रहे हैं। गुरुवार को एनसीपी नेता डीपी त्रिपाठी ने कहा कि देश के हित में है कि दोनों दल एक साथ आकर चुनाव लड़ें।
उन्होंने दिल्ली में दोनों दलों के बीच 3+3+1 फार्मूले को अपनाने का सुझाव दिया और कहा कि सीटों के मामले में कांग्रेस को अड़ना नहीं चाहिए। इसके मुताबिक तीन सीटों पर आम आदमी पार्टी और तीन पर कांग्रेस को लड़ना चाहिए जबकि एक सीट किसी ऐसे उम्मीदवार के लिए छोड़ देनी चाहिए जो प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से लगातार संघर्ष कर रहा हो।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में अभी दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन होने की संभावनाएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता डीपी त्रिपाठी ने कहा कि सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देश के अन्य राज्यों में भी गठबंधन बनाने की संभावनाएं तलाश करनी चाहिए। उत्तर प्रदेश जैसे महत्त्वपूर्ण राज्य में महागठबंधन में सपा, बसपा के साथ कांग्रेस के आने की संभावनाओं की भी तलाश की जानी चाहिए।
शरद पवार लड़ेंगे चुनाव
त्रिपाठी ने कहा कि एनसीपी नेता शरद पवार ने सक्रिय राजनीति से सन्यास लेने का फैसला कर लिया था। लेकिन विपक्ष के कई नेताओं का कहना है कि शरद पवार जैसे अनुभवी नेता को लोकसभा में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। यही कारण है कि पवार इस चुनाव में एक बार फिर चुनाव लड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रकाश आंबेडकर महाराष्ट्र में एक मजबूत व्यक्ति हैं और उनके गठबंधन की इच्छा है कि वे कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन के साथ आकर चुनाव लड़ें। उन्होंने कहा कि वे प्रकाश को साथ लाने की सभी संभावनाओं की तलाश करेंगे। जबकि बिहार के संदर्भ में उन्होंने कहा कि गठबंधन को एनसीपी के लिए कटिहार की सीट छोड़ देनी चाहिए क्योंकि एनसीपी का वहां से पहले से ही सांसद रहा है।