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ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति से सांसत में भारतीय आईटी उद्योग
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Sun, 22 Jan 2017 08:29 PM IST
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अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘बाय अमेरिकन-हायर अमेरिकन’ नीति से घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग उहापोह में है। 150 अरब डॉलर का भारतीय आईटी उद्योग आउटसोर्सिंग तथा कर्मचारियों के वीजा के संबंध में नई सरकार के कदमों का इंतजार कर रहा है। अमेरिका देश के आईटी निर्यात में 60 फीसदी हिस्सेदारी रखता है। उधर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अमेरिका के साथ आगे भी बेहतर संबंधों की उम्मीद जताई है।
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ट्रंप के शपथ ग्रहण करने से कुछ घंटे पहले एक साक्षात्कार में रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि भारतीय आईटी कंपनियां 80 देशों के 200 शहरों में कारोबार करती हैं। भारतीय कंपनियों ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था में काफी योगदान दिया है तथा अमेरिकी नागरिकों समेत लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मुहैया कराए हैं। प्रसाद ने कहा, ‘मैं यह समझता हूं कि उन्होंने अरबों डॉलर कर का भी भुगतान किया होगा। अत: उन्होंने कर और रोजगार के माध्यम से अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है’।
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उन्होंने ट्रंप सरकार के साथ सार्थक संबंध की उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि हम भारतीय आईटी कंपनियों के बारे में उनके विचार का इंतजार करेंगे। हमने पहले ही अपने दृष्टिकोण से उन्हें अवगत करा दिया है और आगे भी यह जारी रखेंगे।
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'भारत पर किसी भी तरह की बंदिश से अमेरिका को होगा नुकसान'
नैसकॉम के अध्यक्ष आर चंद्रशेखर ने ट्रंप के भारत समर्थक होने की बात करते हुए कहा कि एक कारोबारी होने के नाते ट्रंप कारोबार की वास्तविकताओं को समझते हैं। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि किसी भी तरह की बंदिश से अमेरिका में रोजगार के मौकों पर बुरा असर पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि ऐसे समय में संवाद काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी के मद्देनजर नैसकॉम फरवरी में वाशिंगटन का दौरा करने की योजना बना रहा है जिसमें नए प्रशासन के वरिष्ठ लोगों से मुलाकात की जाएगी।
ट्रंप ने शपथ ग्रहण संबोधन में अमेरिका फर्स्ट का नारा बुलंद किया था। इससे संरक्षणवादी नीति अपनाने की आशंका मजबूत हुई है। पहले से धीमी विकास दर की समस्या से जूझ रहा घरेलू आईटी उद्योग इसी को लेकर सशंकित है।
उन्होंने बताया कि ऐसे समय में संवाद काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी के मद्देनजर नैसकॉम फरवरी में वाशिंगटन का दौरा करने की योजना बना रहा है जिसमें नए प्रशासन के वरिष्ठ लोगों से मुलाकात की जाएगी।
ट्रंप ने शपथ ग्रहण संबोधन में अमेरिका फर्स्ट का नारा बुलंद किया था। इससे संरक्षणवादी नीति अपनाने की आशंका मजबूत हुई है। पहले से धीमी विकास दर की समस्या से जूझ रहा घरेलू आईटी उद्योग इसी को लेकर सशंकित है।