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बंगाल पंचायत चुनाव: 'देहाती होने का ठप्पा नहीं लगवाना चाहते', 10000 लोगों ने किया चुनाव के बहिष्कार का फैसला

Mon, 03 Jul 2023 07:28 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 03 Jul 2023 07:28 PM IST
सार

Bengal Panchayat Election: पश्चिम बंगाल में इसी सप्ताह आठ जुलाई को पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं, लेकिन राजधानी कोलकाता के उत्तरी हिस्से में न्यू टाउन की ऊंची इमारतों में रहने वाले 10 हजार से ज्यादा निवासियों ने वोट न देने का फैसला किया है। यह इलाका पंचायत क्षेत्र के तहत आता है।

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'Don't want to be labelled villagers': 10,000 people living on Kolkata outskirts to boycott rural polls
vote new - फोटो : i stock

विस्तार

पश्चिम बंगाल में इसी सप्ताह आठ जुलाई को पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं, लेकिन राजधानी कोलकाता के उत्तरी हिस्से में न्यू टाउन की ऊंची इमारतों में रहने वाले 10 हजार से ज्यादा निवासियों ने वोट न देने का फैसला किया है। यह इलाका पंचायत क्षेत्र के तहत आता है। 'न्यू टाउन फोरम' के अध्यक्ष समरेश दास ने कहा कि यहां विभिन्न पंचायत क्षेत्रों के अंतर्गत लगभग 16,000 मतदाता हैं और उनमें से अधिकांश अपने मताधिकार का प्रयोग करने के इच्छुक नहीं हैं क्योंकि 'वे खुद पर देहाती होने का ठप्पा नहीं लगवाना चाहते।'

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दास ने कहा, 'हमने पहले ही 12,000 मतदाताओं के हस्ताक्षर एकत्र किए हैं जिन्होंने टाउनशिप को पंचायत अधिकार क्षेत्र से बाहर करने की मांग के अलावा अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करने का फैसला किया है।' उन्होंने कहा कि फोरम टाउनशिप निवासियों द्वारा पंचायत चुनाव के बहिष्कार के लिए अभियान चला रहा है। हालांकि, टाउनशिप पंचायत क्षेत्र में है जबकि सभी नागरिक सुविधाएं 'न्यू टाउन कोलकाता विकास प्राधिकरण' (एनकेडीए) द्वारा प्रदान की जाती हैं। 

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दास ने कहा, 'यद्यपि, हम कोलकाता नगर निगम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की तुलना में अधिक नागरिक कर का भुगतान करते हैं, फिर भी टाउनशिप पंचायत क्षेत्र में है। यह एक विसंगति है।' एनकेडीए के अधिकारियों ने कहा, 'बहुत से लोगों को पता नहीं था कि उनकी टाउनशिप ग्रामीण निकायों के अंतर्गत आती है।' उन्होंने कहा कि दिलचस्प बात यह है कि 2013 और 2018 के पंचायत चुनावों में इस मुद्दे ने लोगों का ध्यान आकर्षित नहीं किया था।

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वहीं, 'न्यू टाउन नागरिक कल्याण संगठन' के सचिव समीर गुप्ता ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर शुरुआत से ही निवासियों में रोष था, लेकिन अब अधिकतर लोगों ने पंचायत चुनाव में मतदान करने का फैसला किया है। गुप्ता ने कहा, 'यद्यपि, यह विश्वास करना कठिन है कि ऐसे इलाके के निवासी पंचायत क्षेत्रों का हिस्सा हैं। हमने महसूस किया कि निर्वाचित प्रतिनिधि नागरिक समस्याओं को हल करने में कुछ मदद कर सकते हैं।'

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