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डोकलाम विवाद से हिमाचल-चीन सीमा पर अटका कारोबार
बीरबल नेगी / सांगला (किन्नौर)
Updated Wed, 13 Dec 2017 06:34 AM IST
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हिमाचल चाइना बॉर्डर
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डोकलाम विवाद का असर दोनों देशों के कारोबार पर भी पड़ा है। हिमाचल की चीन से सटी सीमा पर दोनों देशों के बीच वर्ष 1991 से होने वाला सालाना कारोबार इस बार न के बराबर ही हो पाया। यह व्यापार किन्नौर जिला के नमज्ञा गांव के वाया शिपकिला दर्रे से होता है। हर वर्ष व्यापारी इसी दर्रे से होते हुए चीन अधिकृत तिब्बत जाते हैं और सामान की खरीद-फरोख्त करते हैं। यह कारोबार हर वर्ष 1 जून से शुरू होकर 30 नवंबर तक चलता है।
हर साल यहां चीन के कारोबारियों से रेडीमेड गारमेंट्स, कारपेट, पशमीना, जूते साबर, क्रॉकरी, थरमस, चाइनीज परिधानों सहित कई खाद्य सामग्री खरीदी जाती है। हिमाचल के कारोबारी चावल, रिफाइंड तेल, गुड़, इंडियन कारपेट, पीतल और कांसा के बर्तन, ड्राई फ्रूट्स, छवारा, नारियल, किशमिश, बादाम, चिलगोजा, काला जीरा, बादाम, अखरोट बेचते हैं। करीब चार साल पहले तक यहा तिब्बतियन भेड़, बकरी, चिगू चामुर्थी घोड़े, याक, चाइनीज कुत्तों का कारोबार होता था लेकिन भारत सरकार ने इस पर रोक लगा दी।
पढ़ें- भारत-नेपाल की सीमा सील, जानिए क्यों सर्तक हुई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां
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इस वर्ष भारत से चीन के ट्रेड सेंटर यानी प्रथम गांव शिकपी में किन्नौर जिले के पूह खंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से महज 71 कारोबारी ही जा पाए।कारोबारियों ने कहा कि हर बार चीन के चोख, तियांग, गायंग, टुनजु, सारकुंग सहित चीन के बड़े शहरों से भी कारोबारी हर साल कारोबार के लिए दस्तक देते थे।
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हर साल यहां चीन के कारोबारियों से रेडीमेड गारमेंट्स, कारपेट, पशमीना, जूते साबर, क्रॉकरी, थरमस, चाइनीज परिधानों सहित कई खाद्य सामग्री खरीदी जाती है। हिमाचल के कारोबारी चावल, रिफाइंड तेल, गुड़, इंडियन कारपेट, पीतल और कांसा के बर्तन, ड्राई फ्रूट्स, छवारा, नारियल, किशमिश, बादाम, चिलगोजा, काला जीरा, बादाम, अखरोट बेचते हैं। करीब चार साल पहले तक यहा तिब्बतियन भेड़, बकरी, चिगू चामुर्थी घोड़े, याक, चाइनीज कुत्तों का कारोबार होता था लेकिन भारत सरकार ने इस पर रोक लगा दी।
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इस वर्ष भारत से चीन के ट्रेड सेंटर यानी प्रथम गांव शिकपी में किन्नौर जिले के पूह खंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से महज 71 कारोबारी ही जा पाए।कारोबारियों ने कहा कि हर बार चीन के चोख, तियांग, गायंग, टुनजु, सारकुंग सहित चीन के बड़े शहरों से भी कारोबारी हर साल कारोबार के लिए दस्तक देते थे।
चीन के शिपकी गांव में है ट्रेड सेंटर
डोकलाम विवाद
किन्नौर जिले के नमज्ञा गांव से 26 किलोमीटर दूर शिपकिला बॉर्डर पहुंचा जा सकता है। करीब 2 किलोमीटर आगे चीन का पहला गांव शिपकी है, जहां चीन का ट्रेड सेंटर है। शिपकी से 2 किलोमीटर पहले भारत की तरफ छप्पन नामक जगह पर भारत का ट्रेड सेंटर खुलना है । किन्नौर के उपायुक्त डॉ. नरेश कुमार लट्ठ ने कहा कि भारत की तरफ से भी ट्रेड सेंटर के लिए बजट और जमीन का प्रावधान कर दिया गया है। जल्द ही सेंटर खुलेगा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कारोबार (रुपये में)
वर्ष 2015 : 05,01,05,609 निर्यात, 04,36,05,900 आयात
वर्ष 2016 : 04,40,02,656 निर्यात, 04,55,93,300 आयात
वर्ष 2017 : 22,38,000 निर्यात, 36,83,000 आयात
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कारोबार (रुपये में)
वर्ष 2015 : 05,01,05,609 निर्यात, 04,36,05,900 आयात
वर्ष 2016 : 04,40,02,656 निर्यात, 04,55,93,300 आयात
वर्ष 2017 : 22,38,000 निर्यात, 36,83,000 आयात