{"_id":"5d41bfc08ebc3e6cf90fb6df","slug":"doctors-protest-against-nmc-bill-threaten-to-go-on-indefinite-strike","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएमसी विधेयक: डॉक्टरों ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की धमकी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
एनएमसी विधेयक: डॉक्टरों ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की धमकी
Wed, 31 Jul 2019 10:11 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 31 Jul 2019 10:11 PM IST
विज्ञापन
एनएमसी बिल का विरोध
- फोटो : PTI
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) विधेयक का विरोध कर रहे डॉक्टरों ने बेमियादी हड़ताल पर जाने की धमकी दी है जिससे एम्स और आरएमएल समेत सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के बुरी तरह से प्रभावित होने का अंदेशा है। डॉक्टरों ने आपातकालीन विभागों में भी सेवाओं को बंद करने की धमकी दी है। एनएमसी भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) का स्थान लेगा। इस विधेयक को सोमवार को लोकसभा ने पारित कर दिया और इसे बृहस्पतिवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा।
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एफओआरडीए) ने कहा, रेजिडेंट डॉक्टर बृहस्पतिवार को विरोधस्वरूप ओपीडी, आपातकालीन विभागों और आईसीयू में काम नहीं करेंगे और अगर राज्यसभा में विधेयक पेश किया जाता है और पारित किया जाता है तो हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए जारी रखा जाएगा।
एफओआरडीए ने आरोप लगाया कि विधेयक गरीब विरोधी, छात्र विरोधी और अलोकतांत्रिक है। एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने प्रस्तावित हड़ताल के संबंध में प्रशासन को नोटिस दिया। इसके अलावा, विभिन्न अस्पतालों में विरोध जारी है और डॉक्टरों ने काली पट्टी बांध कर काम किया। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने भी विधेयक की कई धाराओं पर आपत्ति जताई है। आईएमए ने बुधवार को 24 घंटे के लिए गैर जरूरी सेवाओ को बंद करने का आह्वान किया है।
विज्ञापन
देश में डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के सबसे बड़े संगठन ने अपनी स्थानीय शाखाओं में प्रदर्शन और भूख हड़ताल का आवाहन किया था तथा विद्यार्थियों से कक्षाओं का बहिष्कार करने का अनुरोध किया था। संगठन ने एक बयान में चेताया कि अगर सरकार उनकी चिंताओं पर उदासीन रहती है तो वह अपना विरोध तेज़ करेंगे।
एफओआरडीए, यूआरडीए और आरडीए-एम्स के प्रतिनिधियों की मंगलवार को हुई संयुक्त बैठक में एनएमसी विधेयक 2019 का विरोध करने का संकल्प लिया गया। एम्स आरडीए, एफओआरडीए और यूनाइटेड आरडीए ने संयुक्त बयान में कहा कि इस विधेयक के प्रावधान कठोर हैं।
विज्ञापन
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एफओआरडीए) ने कहा, रेजिडेंट डॉक्टर बृहस्पतिवार को विरोधस्वरूप ओपीडी, आपातकालीन विभागों और आईसीयू में काम नहीं करेंगे और अगर राज्यसभा में विधेयक पेश किया जाता है और पारित किया जाता है तो हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए जारी रखा जाएगा।
विज्ञापन
एफओआरडीए ने आरोप लगाया कि विधेयक गरीब विरोधी, छात्र विरोधी और अलोकतांत्रिक है। एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने प्रस्तावित हड़ताल के संबंध में प्रशासन को नोटिस दिया। इसके अलावा, विभिन्न अस्पतालों में विरोध जारी है और डॉक्टरों ने काली पट्टी बांध कर काम किया। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने भी विधेयक की कई धाराओं पर आपत्ति जताई है। आईएमए ने बुधवार को 24 घंटे के लिए गैर जरूरी सेवाओ को बंद करने का आह्वान किया है।
विज्ञापन
देश में डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के सबसे बड़े संगठन ने अपनी स्थानीय शाखाओं में प्रदर्शन और भूख हड़ताल का आवाहन किया था तथा विद्यार्थियों से कक्षाओं का बहिष्कार करने का अनुरोध किया था। संगठन ने एक बयान में चेताया कि अगर सरकार उनकी चिंताओं पर उदासीन रहती है तो वह अपना विरोध तेज़ करेंगे।
एफओआरडीए, यूआरडीए और आरडीए-एम्स के प्रतिनिधियों की मंगलवार को हुई संयुक्त बैठक में एनएमसी विधेयक 2019 का विरोध करने का संकल्प लिया गया। एम्स आरडीए, एफओआरडीए और यूनाइटेड आरडीए ने संयुक्त बयान में कहा कि इस विधेयक के प्रावधान कठोर हैं।